देश के लाखों घरों में श्रद्धा से हुए गायत्री यज्ञ

– बुद्ध पूर्णिमा पर देवास जिले के 4702 घरों में हुआ गायत्री महायज्ञ
– समाज को संस्कारवान व राष्ट्र को समर्थ बनाने का संकल्प
देवास। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में वैश्विक स्तर पर विश्व के लाखों श्रद्धालु परिजनों ने बड़ी श्रद्धा और उमंग के साथ अपने-अपने घरों पर गायत्री महायज्ञ किए। उद्देश्य राष्ट्र को स्वस्थ, समर्थ और संस्कारवान बनाना है।
गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी विक्रमसिंह चौधरी ने बताया, कि प्रतिवर्ष गायत्री परिवार द्वारा बुद्ध पूर्णिमा को बड़ी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ देशभर में पुनीत गृह गृह गायत्री महायज्ञ अभियान को संपन्न करता आ रहा है।
इसी क्रम में इस वर्ष भी बुद्ध पूर्णिमा 12 मई को देवास जिले की सभी तहसीलों में पूर्ण उत्साह व उल्लास के साथ इस अभियान को संपन्न किया गया।

देवास तहसील में 1829, हाटपिपलिया में 525, कन्नौद में 604, बागली में 309, सोनकच्छ में 117, खातेगांव में 1152, सतवास में 25, टोंकखुर्द में 27, उदयनगर में 114 इस प्रकार कुल 4702 घरों में गृह गृह गायत्री महायज्ञ संपन्न हुए।
जिला जेल अधीक्षक हिमानी मनवारे के मार्गदर्शन में जिला कारागार देवास में भी बन्दी भाइयों ने उत्साह के साथ यज्ञ में आहुतियां प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक प्रमोद निहाले ने यज्ञ के दौरान बन्दी भाइयों से अपने जीवन की बुराइयों की तिलांजलि देने की अपील की। बन्दी भाई प्रेरित हुए और उन्होंने बुराई छोड़ अच्छाई ग्रहण करने का संकल्प लिया।

जिला जेल उप अधीक्षक अनिल दुबे ने गायत्री परिवार के इस आयोजन की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर के आयोजन में संरक्षिका दुर्गा दीदी ने कहा, कि पुनीत पावन गृह गृह गायत्री महायज्ञ अभियान का एक ही उद्देश्य है कि घर-घर में गायत्री और यज्ञ पहुंचे जिससे घर का वातावरण शुद्ध, पवित्र और संस्कारवान बन सके।

जिला समन्वयक हरिराम जिराती ने कहा कि घर में यज्ञ का प्रभाव महत्वपूर्ण होता है। यज्ञ के माध्यम से यजमान अपनी बुराइयां छोड़ता है और अच्छाई ग्रहण करता है, जिससे परिवार देव परिवार बनता है एवं इससे गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का सपना “मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण” का लक्ष्य पूर्ण होता है।
पुनीत गृह गृह गायत्री यज्ञ अभियान को सफलता तक पहुंचाने में जिले के सभी तहसील प्रभारी गिरीश गुरु, डॉ. राजेंद्र व्यास, हरिप्रसाद पांडे, राजेंद्र शर्मा, पुष्करलाल गुप्ता, आशीष गुप्ता, सुरेश भारद्वाज, रमेशचन्द्र मेहता, रविन्द्र नायक, कुंदन गुप्ता सहित कार्यकर्ताओं में रमेश नागर, उर्मिला सोनी, नीति श्रीवास्तव, वंदना पाटीदार, पुरुषोत्तम परमार, मंजू पटेल, जयप्रकाश नाडेकर सहित कई परिजनों का सराहनीय योगदान रहा।

गायत्री शक्तिपीठ देवास के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी महेश पंड्या एवं गायत्री प्रज्ञापीठ विजय नगर के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी राजेंद्र पोरवाल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी परिजनों का आभार व्यक्त किया।




