क्राइम

गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई, वारसी नगर से युवक गिरफ्तार, सगे भाई को गुजरात से पकड़ा

Share

 

गुजरात-मध्यप्रदेश में संयुक्त ऑपरेशन में आठ आतंकी गिरफ्तार, देर रात घर पर चली सर्च कार्रवाई

देवास। भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ गुजरात एटीएस ने बड़ा अभियान चलाते हुए गुजरात और मध्यप्रदेश में एक साथ कार्रवाई की।

इस ऑपरेशन में आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक युवक मध्यप्रदेश के देवास शहर से पकड़ा गया। देवास के वारसी नगर में देर रात चली एटीएस की कार्रवाई के दौरान घर की तलाशी ली गई और आतंकी को पूछताछ के बाद गुजरात ले जाया गया। वहीं उसके बड़े भाई को गुजरात से गिरफ्तार किया गया है।

देवास के वारसी नगर में एटीएस की दबिश
गुजरात एटीएस की टीम गुरुवार शाम स्थानीय पुलिस के साथ देवास के वारसी नगर पहुंची। कार्रवाई देर रात तक चली। घर की गहन तलाशी लेने के बाद गुजरात पुलिस साढ़े 18 वर्षीय मोहम्मद बिलाल को अपने साथ गुजरात ले गई। एटीएस ने बिलाल के बड़े भाई मोहम्मद जकरिया को भी गुजरात के पाटन जिले के खरिया सना गांव से गिरफ्तार किया है। 

मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम को गुजरात एटीएस स्थानीय पुलिस के साथ वारसी नगर पहुंची और पूरी तलाशी ली। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया। उसके भाई मोहम्मद जकरिया को गुजरात से एटीएस ने गिरफ्तार किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार परिवार मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है और वर्ष 1998 में देवास आकर बस गया था। 

एसपी बोले- गुजरात एटीएस को दिया गया स्थानीय सहयोग
देवास एसपी पुनीत गेहलोत ने बताया कि गुजरात एटीएस ने स्थानीय पुलिस से सहयोग मांगा था। संदिग्ध की लोकेशन ट्रेस कर संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। आगे की जांच गुजरात एटीएस कर रही है।

प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे- पूछताछ में सामने आया कि गुजरात में आतंकी गतिविधियां संचालित करने के लिए “दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद” नाम से एक समूह बनाया था। वे पाकिस्तान स्थित हैंडलर अब्दुल्लाह और मोहम्मद उमर के सीधे संपर्क में थे और गुजरात में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया कि इस साजिश के लिए उन्हें करीब 3 लाख रुपये की फंडिंग मिली थी। इसी रकम से उन्होंने एक पुरानी कार खरीदी, लेकिन पहचान छिपाने के लिए उसका पंजीकरण अपने नाम पर नहीं कराया। इसके अलावा वे स्थानीय युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे।

बड़ी मात्रा में जिहादी साहित्य बरामद- तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में डिजिटल और प्रिंट जिहादी साहित्य बरामद हुआ। मुख्य आरोपी इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा के मोबाइल में मौजूद Nord Locker ऐप से 254 जिहादी किताबें, ऑडियो-वीडियो फाइलें और जैश-ए-मोहम्मद के झंडों की तस्वीरें मिलीं। इसके अलावा संगठन के सरगना मसूद अजहर को संबोधित उर्दू में लिखे आठ पत्र भी बरामद किए गए।

सबसे गंभीर खुलासा यह हुआ कि आरोपियों ने मसूद अजहर की पुस्तक “दर्स-ए-जिहाद” का उर्दू से गुजराती में अनुवाद किया था, ताकि गुजरात के स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित कर उनका ब्रेनवॉश किया जा सके और उन्हें आतंकी संगठन में भर्ती किया जा सके।

फिलहाल, इनके इरादों और बरामद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गुजरात ATS ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। एजेंसियां इस आतंकी नेटवर्क, उसके स्थानीय संपर्कों और संभावित स्लीपर सेल की गहराई से जांच कर रही हैं। 

गिरफ्तार आतंकी-

19 वर्षीय अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला (भागल, पालनपुर, बनासकांठा)

30 वर्षीय इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा (भागल, पालनपुर, बनासकांठा)

22 वर्षीय मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला (भागल, पालनपुर, बनासकांठा)

21 वर्षीय जकरिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा (खाडियासणी, सिद्धपुर, पाटन)

40 वर्षीय मुफ्ती फौजान इस्माइल दाउवा (खाडियासणी, सिद्धपुर, पाटन)

21 वर्षीय मोहम्मद अमीन शेरा (खाडियासणी, सिद्धपुर, पाटन)

22 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल रहमान सावदी (अंभेटा, चिखली, नवसारी)

18 वर्षीय बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा (वारसी नगर, देवास, मध्य प्रदेश)

➡️ संबंधित खबर: गुजरात ATS का बड़ा एक्शन: जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध गिरफ्तार, एक आरोपी देवास से दबोचा – अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: पूरी खबर यहां पढ़ें⁠

Back to top button