नवरात्रि में बिजली कटौती का मुद्दा गरमाया, युवा कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति और किसानों को दिन में बिजली देने की मांग

देवास। नवरात्रि से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। लोड मैनेजमेंट के नाम पर हो रही कटौती को लेकर युवा कांग्रेस ने विद्युत विभाग से नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
हाटपिपल्या विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भोपाल रोड स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय के बाहर धरना दिया। अध्यक्ष श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती से आम लोगों को परेशानी हो रही है। 11 अक्टूबर से नवरात्रि शुरू होने जा रही है। इस दौरान गांवों में माता के पंडाल सजेंगे और पूजा-अर्चना, आरती सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। ऐसे में बिजली कटौती से आयोजनों और श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है।
चौहान ने नवरात्रि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि कार्य और सिंचाई के लिए दिन के समय पर्याप्त बिजली मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें रात में खेतों पर जाने की मजबूरी न रहे।

उन्होंने विद्युत विभाग से सवाल किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोड मैनेजमेंट के नाम पर कटौती क्यों की जा रही है। यदि बिजली की मांग बढ़ने या उत्पादन में कमी के कारण कटौती की जा रही है, तो विभाग को इसकी वास्तविक स्थिति और संबंधित आदेश सार्वजनिक करने चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ जनआंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान जिला कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह गौड़, हिम्मत सिंह चावड़ा, शिप्रा युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अजय कुमावत, रामसिंह चौहान सिंगावदा, आनंद बना सिया, राकेश मंडलोई सहित अन्य ग्रामीणजन मौजूद रहे। सभी ने ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति और किसानों को दिन में बिजली देने की मांग की।



