देवास

इमाम हुसैन ने अपनी कुर्बानी देकर हक, इंसानियत और ईमानदारी के अलम को हमेशा के लिए बुलंद कर दिया: पूर्व सांसद उबैदुल्लाह खान आजमी

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देवास। सेंट अशरफ फाउंडेशन के तत्वावधान में हुसैनी इज्तिमा हुआ।

शहर काजी मौलाना इरफान अहमद अशरफी के रूहानी फैजान से देवास सीनियर नोमान अहमद अशरफी की सरपरस्ती में हुए इस हुसैनी इज्तिमे में अजमेर शरीफ से खादिम ए खास आदिल मियां चिश्ती, उत्तर प्रदेश से पीरे तरीकत हजरत सैयद फैजान अशरफ अशरफी, पूर्व सांसद औबेदुल्ला आजमी, फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश से हिलाल रज्जाकी मिस्बाही, बुरहानपुर से पीर ए तरीकत हजरत बाकी बाबा अशरफी, कुमेल अशरफ अशरफी और उलेमाए इकराम ने शिरकत की।

अपनी तकरीर में हज़रत ओबेदुल्ला आज़मी ने कहा कि इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में कुर्बानी देकर हक इंसानियत और ईमानदारी के अलम को हमेशा के लिए बुलंद कर दिया। अपनी तकरीर में हज़रत फ़ेज़ान अशरफ अशरफी ने कहा कि जिसने अहले बैत से मोहब्बत की उसकी जिंदगी कामयाब हो गई। हिलाल रज्जाकी ने हुसैनी इज्तिमे में हजरत मौला अली और हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की शान में मनकबत के अशआर पढ़े।

मुफ़्ती जरीफ़ अहमद अशरफ़ी ने कयादत की और काज़ी हुसैन अहमद अशरफ़ी की निगरानी में हुसैनी इज्तिमा मुनअकिद हुआ। मेहमानों का स्वागत सेंट अशरफ फाउंडेशन के सदर जावेद शेख अशरफी व कासिम अहमद अशरफी ने किया। देर रात तक चले प्रोग्राम में हजारों लोगों ने हुसैनी लंगर लिया। आदिल मियां चिश्ती ने बिस्मिल्लाह पढ़कर लंगर की शुरुआत की।

जलसे की निजामत फर्रुखाबाद से आए शाहिद रजा ने की। जल्से में बुरहानपुर से डॉ. कुमैल अशरफ़ अशरफ़ी, इंदौर से सूफ़ी मुख़्तार अशरफ़ अशरफ़ी, सूफ़ी ख़ालिद इकराम, सूफ़ी शरीफ़ अशरफ़ी, भोपाल से हाफ़िज़ बशीर अशरफ़ी, शाजापुर से मुनव्वर हुसैन वारसी, दीगर उलमा व मशाइख़ ने शिरकत की।

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