अमलतास के न्यूरोसर्जन की सलाह: सड़क पर निकलें तो हेलमेट को कभी नजरअंदाज न करें

हेलमेट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए जरूरी- डॉ. राकेश रघुवंशी
देवास। सड़क हादसों में सिर की चोट सबसे खतरनाक मानी जाती है। ऐसे में हेलमेट पहनना केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाली आदत है।
यह बात विशेष चर्चा में अमलतास सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल के न्यूरोसर्जन एवं ब्रेन- स्पाइन सर्जन डॉ. राकेश रघुवंशी ने कही। उन्होंने लोगों से हर बार बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील की है।
डॉ. रघुवंशी ने बताया कि अस्पताल में कई ऐसे मरीज आते हैं, जो दुर्घटना से पहले पूरी तरह स्वस्थ होते हैं, लेकिन बिना हेलमेट हादसे का शिकार होने के बाद उनकी जिंदगी बदल जाती है। कई मामलों में मरीज को ब्रेन हेमरेज, स्कल फ्रैक्चर, ब्रेन स्वेलिंग, कोमा, लकवा और याददाश्त कमजोर होने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार मौत तक हो जाती है। यह न्यूज भी देखें कुछ दिनों पहले नेवरी-हाटपिपल्या रोड पर शादी से लौट रहे बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो गए, जिसमें एक महिला की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय हेलमेट सिर पर लगने वाले झटके को काफी हद तक कम कर देता है। इससे दिमाग और सिर को गंभीर चोट से बचाया जा सकता है। सही तरीके से पहना गया हेलमेट जान बचाने में बड़ी भूमिका निभाता है। इसे भी पढ़े ➖ तेज रफ्तार आयशर की टक्कर से एक बुजुर्ग बाइक सवार की मौत
अच्छी आदत से रोक सकते हैं हादसे
उन्होंने बताया, कि जब कोई गंभीर सिर की चोट वाला मरीज अस्पताल आता है, तब केवल डॉक्टर ही नहीं, पूरा परिवार संघर्ष करता है। कई बार लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी मरीज पहले जैसा जीवन नहीं जी पाता, लेकिन इन हादसों में से बहुतों को केवल एक अच्छी आदत से रोका जा सकता है। यह भी पढ़े सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार किया जाएगा
सही हेलमेट पहनना भी जरूरी
डॉ. रघुवंशी के अनुसार केवल हेलमेट पहन लेना काफी नहीं है, उसे सही तरीके से बांधना भी जरूरी है। कई लोग स्ट्रैप नहीं बांधते, जिससे हादसे के दौरान हेलमेट निकल जाता है और सुरक्षा नहीं मिल पाती।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि हमेशा ISI मार्क वाला हेलमेट उपयोग करें। फुल फेस हेलमेट ज्यादा सुरक्षित होता है। हेलमेट सही फिट होना चाहिए और दुर्घटना के बाद हेलमेट बदल देना चाहिए। बच्चों के लिए अलग साइज का हेलमेट इस्तेमाल करना चाहिए।
युवाओं से की विशेष अपील
उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार, स्टंट और मोबाइल चलाते हुए बाइक चलाना युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है, जो बेहद खतरनाक है। कुछ सेकंड का रोमांच पूरी जिंदगी का दर्द बन सकता है। एक हादसा करियर, परिवार और भविष्य सबकुछ प्रभावित कर सकता है। ➖ दो बाइक की टक्कर में दो लोगों के घायल होने की घटना भी सामने आ चुकी है।
परिवार भी निभाए जिम्मेदारी
डॉ. रघुवंशी ने कहा कि परिवार के लोगों को भी अपने प्रियजनों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि हेलमेट सिर्फ कानून नहीं, जीवन की सुरक्षा है। बाइक स्टार्ट करने से पहले हेलमेट जरूर पहनें, क्योंकि आपका परिवार आपका इंतजार कर रहा है।




