श्रीमद् भागवत कथा से ही मिलता है सच्चे सत्संग का मार्ग- आचार्य कमलनयन शास्त्री

बाल हनुमान मंदिर में सात दिवसीय कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को दिया भक्ति और सत्संग का संदेश
देवास। बाल हनुमान मंदिर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर व्यास पीठ से आचार्य कमलनयन शास्त्री ने कहा कि कलयुग में श्रीमद् भागवत कथा ही मनुष्य को सच्चे सत्संग का मार्ग दिखाती है। कथा श्रवण से श्रद्धा, प्रेम और भक्ति जागृत होती है, जिससे व्यक्ति सत्मार्ग की ओर अग्रसर होता है।
आचार्य श्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को संतों के सत्संग और श्रीमद् भागवत कथा में शामिल होकर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए, क्योंकि “बिन सत्संग विवेक न होई।” उन्होंने बताया कि मनुष्य जीवन का उद्धार केवल सत्संग और श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से ही संभव है। – भागवत कथा श्रवण से मनुष्य जीवन होता है पवित्र: धर्मेंद्र सिंह राजपूत
व्यास पीठ से आचार्य श्री ने आगामी कथा में ध्रुव चरित्र का विस्तृत वर्णन किए जाने की जानकारी दी तथा श्रद्धालुओं से प्रतिदिन दोपहर 3 बजे मंदिर परिसर में पहुंचकर कथा श्रवण का लाभ लेने का आग्रह किया।




