शिक्षण सत्र 2026-27 के अंर्तगत शाला स्तर पर पाठ्य पुस्तकें वितरण न करने पर संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश

पोषण अभियान में कार्य न करने पर आंगनवाड़ी सुपरवाइजरों के 7 दिन के वेतन काटने के दिए निर्देश
कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी बैठक आयोजित
देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति तथा अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत ज्योति शर्मा, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर संजीव कुमार जैन सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे। समय-सीमा बैठक में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और मैदानी स्तर पर कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी एवं कर्मचारीगण कार्य में लापरवाही न करें। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सभी एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश-
कलेक्टर श्री सिंह ने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि सीमांकन, बंटवारा और नामांतरण जैसे राजस्व मामलों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत निश्चित समयसीमा में लंबित रहने वाले प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उनका निराकरण करें। परंतु देखने में आया है कि इस कार्य में लापरवाही बरती गई है। इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने सभी उत्तरदायी एसडीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने पोषण अभियान की समीक्षा भी की। पोषण अभियान के अंतर्गत ‘मप्र बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम’ की समीक्षा में पाया गया कि सेम/मेम और अति कम वजन श्रेणी के बच्चों के पंजीयन में प्रगति अत्यंत निराशाजनक है। इस कार्य में संबंधितों द्वारा लापरवाही बरती गई है। जिस पर कलेक्टर श्री सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य में लापरवाही बरतने वाली सोनकच्छ के 5 सुपरवाइजर्स के 7 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसी प्रकार कन्नौद एवं खातेगांव विकासखंडों की 2-2 सुपरवाइजर्स (जिनका प्रदर्शन सबसे खराब रहा) का भी 7-7 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने नल-जल योजना की समीक्षा भी की। उन्होंने एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के पूर्ण हो चुके कार्यों को तुरंत संबंधित निकायों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को जलापूर्ति सुचारू रूप से मिल सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम के दृष्टिगत रखते हुए जिले में पेयजल की आपूर्ति हों। इसके लिए संबंधित विभाग सतत मॉनिटरिंग करें।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने सामूहिक वन संसाधन अधिकार की समीक्षा की। कलेक्टर श्री सिंह ने पूर्व में जनपद पंचायत सीईओ को सामूहिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) योजना के संबंध में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया था। जिस पर पाया गया कि शासन की महत्वपूर्ण योजना के प्रति रूचि ना दिखाते हुए आदेश की अवलेहना करने पर जनपद सीईओ खातेगांव अश्विनी राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने वर्ष 2026-27 के शिक्षण सत्र की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि वर्ष 2026-27 के शिक्षण सत्र के लिए शाला स्तर पर पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाना था, लेकिन इस कार्य में शिक्षकों द्वारा कार्य में उदासीनता दिखाते हुए पुस्तकों का वितरण नहीं किया गया। जिन शिक्षकों द्वारा पुस्तकों का वितरण नहीं किया गया उन संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने गेहूं उपार्जन की समीक्षा की। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा यह वर्ष किसान कल्याण वर्ष के तौर पर मनाया जा रहा है। उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न आए इसका विशेष ध्यान रखें। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 3,10,498 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है, जिसके विरुद्ध किसानों को 566.36 करोड़ रुपये का सफल भुगतान किया जा चुका है। शेष बचे किसानों का भुगतान शीघ्र करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
कलेक्टर ने श्री सिंह ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत और समय सीमा के भीतर प्राप्त करना सुनिश्चित करें। अभियान के तहत तालाबों एवं नदियों का गहरीकरण एवं सफाई कार्य में गति लाएं। उन्होंने कहा कि तालाब गहरीकरण से जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में जल संकट से निपटा जा सकेगा। उन्होंने ‘’जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के साथ ही कुएं-बावड़ियों की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए।
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