राजनीति

युवा क्रांतिकारियों की शहादत से मिली आजादी, शहर कांग्रेस ने मनाया शहीद दिवस

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देवास। स्वतंत्रता की लड़ाई में सबसे ज्यादा योगदान युवा क्रांतिकारियों का रहा है, जिन्होंने अपनी शहादत देकर हमें आजादी दिलाई। जिस समय भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को फांसी की सजा दी गई, उस समय उनकी उम्र 23 वर्ष की थी।

इसी के साथ अनेक युवा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ऐसे रहे हैं जिनकी उम्र 30 वर्ष से कम थी, उनमें खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आजाद, महारानी लक्ष्मीबाई, अवंती बाई लोधी, मंगल पांडे, हेमू कालानी सहित अनेक नाम है, जिन्होंने अपने प्राणों की बाजी लगाकर हमें स्वतंत्रता दिलाई, उनके इस योगदान को देश कभी भुला नहीं पाएगा।

उक्त विचार गजरा गियर्स चौराहे पर स्थापित अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की प्रतिमा के समक्ष संबोधित करते हुए शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी ने व्यक्त किए। इसी के साथ दोनों अध्यक्षों ने शहीदों की प्रतिमा पर फैली गंदगी को लेकर भी अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम कमिश्नर से मांग की इन महापुरुषों की प्रतिमाओं की देखभाल की जाए एवं साफ-सफाई की व्यवस्था रोजाना रखी जाए। वहीं कांग्रेसजनों ने झाड़ू लगाकर प्रतिमा स्थल की सफाई की। सर्वप्रथम अमर शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया, पश्चात उपस्थित कांग्रेसजनों ने अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम का संचालन सुधीर शर्मा ने किया एवं आभार प्रतीक शास्त्री ने माना। इस अवसर पर कांग्रेस नेता सुजीत सांगते, जितेंद्रसिंह गौड़, नईम अहमद, चंद्रपाल सिंह सोलंकी, शाहजी हाशमी, रितेश धारू, सीबी शुक्ला, रईस कामदार, शाहबाज शेख, जयप्रकाश मालवीय, जस्सू भाई, दीपेश हरोड़े उपस्थित थे।

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