पुरुषोत्तम मास 2026: उज्जैन में 17 मई से सप्तसागर, नवनारायण और 84 महादेव यात्रा शुरू

उज्जैन। धर्म और आस्था की नगरी उज्जैन में पुरुषोत्तम अधिक मास महापर्व के अवसर पर विशेष धार्मिक यात्रा का आयोजन होने जा रहा है। आगामी 17 मई से अवंतिका तीर्थ में सुप्रसिद्ध सप्तसागर, नवनारायण और 84 महादेव की यात्रा विधि-विधान के साथ प्रारंभ होगी।
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इस महापर्व के दौरान भक्तों को धर्म लाभ दिलाने और शास्त्रों के अनुसार पूजन-अर्चन संपन्न कराने के लिए प्रख्यात पं. ब्रह्मदत्त शर्मा एवं पं. अनिल व्यास विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्हीं के मार्गदर्शन और सानिध्य में श्रद्धालु इस फलदायी यात्रा को पूर्ण करेंगे।
हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) का विशेष महत्व है। माना जाता है, कि इस माह में उज्जैन के इन प्राचीन तीर्थों की यात्रा करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है।

🔸 क्या है 84 महादेव यात्रा?
उज्जैन नगरी में स्थित 84 प्राचीन शिवलिंगों को “84 महादेव” कहा जाता है। मान्यता है, कि ये सभी शिव स्वरूप अवंतिका नगरी की रक्षा करते हैं और इनके दर्शन से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
🔸 सप्तसागर का धार्मिक महत्व
सप्तसागर उज्जैन के सात पवित्र सरोवरों का समूह है, जिन्हें पौराणिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है। श्रद्धालु यहां स्नान और पूजन कर आध्यात्मिक शांति की अनुभूति करते हैं।
🔸 नवनारायण दर्शन का महत्व
भगवान विष्णु के नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना “नवनारायण यात्रा” के माध्यम से की जाती है। यह यात्रा सुख, समृद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है।
पं. शर्मा एवं पं.व्यास ने बताया पुरुषोत्तम मास में अवंतिका क्षेत्र का वास और महादेव के सानिध्य में तीर्थ यात्रा मोक्ष का द्वार खोलती है।
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