ऑपरेशन प्रहार: जंगल में चल रहा था जुए का अड्डा, पुलिस ने घेराबंदी कर 8 जुआरियों को दबोचा

– 15600 रुपए नकद, 9 बाइक सहित कुल 6.50 लाख का माल जब्त
– सिंन्द्राणी के जंगल में पुलिस की दबिश
देवास। जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एसपी पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सतवास पुलिस ने ग्राम सिंन्द्राणी के जंगल में दबिश देकर जुए के फड़ पर कार्रवाई करते हुए 8 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से ₹15,600 नकद और 9 मोटरसाइकिल सहित कुल ₹6.50 लाख का माल जब्त किया गया।
पुलिस को 18 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली कि सिंन्द्राणी के जंगल में कुछ लोग हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन के मार्गदर्शन और एसडीओपी कन्नौद आदित्य तिवारी के निर्देशन में थाना सतवास प्रभारी निरीक्षक विक्रांत झांझोट के नेतृत्व में दो विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सुनियोजित तरीके से घेराबंदी की और जुआ खेल रहे आरोपियों को दबोच लिया।
नकदी और वाहन जब्त-
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जुआ फड़ से ₹15,600 नकद और 9 मोटरसाइकिल जब्त कीं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹6.50 लाख आंकी गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना सतवास में जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा-
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इस जुए के फड़ का संचालन आबिद उर्फ मोटु (लोहारदा), मेहबूब खान (सतवास) और असलम (लोहारदा) द्वारा किया जा रहा था। ये सभी न सिर्फ फड़ संचालित कर रहे थे, बल्कि खुद भी जुआ खेलने में शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपी-
▪️रजीम खां (35) निवासी सतवास
▪️जावेद खां (26) निवासी बाल्या
▪️आशिक खां (28) निवासी बाल्या
▪️अफसर खां (45) निवासी चतरापुरा
▪️सुनील देशवाली (40) निवासी खल, थाना काटांफोड़
▪️असलम खां (36) निवासी लोहारदा
▪️जावेद खां (35) निवासी लोहारदा
▪️दिनेश बैरागी (40) निवासी विश्वकर्मा कॉलोनी, सतवास
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका-
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट, उपनिरीक्षक विजय जाट, प्रधान आरक्षक रवि राव, गणेश रावत, आरक्षक लोकेन्द्र शर्मा, जयदेव, अनिल भाभर, संदीप मेवाड़ा, शुभम, राजकुमार देवड़ा की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता और तत्परता से अवैध गतिविधि पर बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।




