नगर निगम

महापौर ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का किया शुभारंभ, तालाब पर श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश

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देवास। जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने मंडूक पुष्कर तालाब पर श्रमदान कर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2026’ का शुभारंभ किया और शहरवासियों को जल बचाने का संदेश दिया।

शासन के निर्देशानुसार संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2026’ के तहत शुक्रवार को नगर निगम द्वारा जनभागीदारी के साथ स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई। महापौर श्रीमती अग्रवाल ने मंडूक पुष्कर तालाब पहुंचकर स्वयं श्रमदान किया और जल स्रोतों की साफ-सफाई कर नागरिकों को प्रेरित किया। यह अभियान 30 जून तक सतत रूप से चलाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान महापौर ने कहा कि शहर की जल संरचनाओं कुओं, तालाबों, बावड़ियों और अन्य जलाशयों के संरक्षण व साफ-सफाई का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई और सभी से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

इस अवसर पर विधायक एवं महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआंदोलन है। इसके माध्यम से निगम सीमा क्षेत्र की सभी जल संरचनाओं कुएं, तालाब, बावड़ियों और अन्य जलाशयों की साफ-सफाई, संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य धरातल पर प्रभावी रूप से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संकट को दूर करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा और जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा।

जल संरक्षण के लिए ये कार्य होंगे-
अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार, नदियों में मिलने वाले नालों के शोधन की कार्ययोजना, तालाबों व बावड़ियों को अतिक्रमण मुक्त करना, नालों-नालियों की नियमित सफाई और सौंदर्यकरण जैसे कार्य किए जाएंगे। साथ ही शहर में अधिक से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने, हरित क्षेत्र विकसित करने और मानसून में पौधारोपण की तैयारी पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘अमृत मित्र भारत पोर्टल’ से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गर्मी के मौसम को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर शुद्ध पेयजल हेतु प्याऊ की व्यवस्था भी जनसहयोग से की जाएगी।

इस अवसर पर निगम स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर महेश सोनी, अमित राव पवार एवं उनकी टीम, जनप्रतिनिधि, नागरिक, शासकीय-अशासकीय संस्थाओं के कर्मचारी तथा निगम अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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