जंगल में चल रही थीं पटाखों की अवैध फैक्ट्रियां, हजारों सुतली बम जब्त

– उदयनगर पुलिस की पोलाखाल के जंगल में दबिश, कई मजदूर मिले, संचालक का खुलासा अभी बाकी
उदयनगर (बाबू हनवाल)। जिले के दूरस्थ जंगल में अवैध गतिविधि का बड़ा मामला सामने आया है। उदयनगर तहसील मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर पोलाखाल के घने जंगल में टीन शेड के नीचे पटाखों की दो अवैध फैक्ट्रियां संचालित हो रही थीं।
सूचना के बाद रविवार दोपहर उदयनगर थाना पुलिस ने यहां दबिश दी, जहां भारी मात्रा में सुतली बम, बारूद और पटाखे बनाने की सामग्री बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार मौके से हजारों की संख्या में सुतली बम और बारूद से भरे पैकेट मिले हैं। इसके अलावा पटाखे तैयार करने में उपयोग होने वाले कागज, धागे, केमिकल और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं। फिलहाल बरामद सामग्री की गिनती और जांच की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस पहुंची तो मचा हड़कंप-
जैसे ही पुलिस टीम ने जंगल में बने टीन शेड पर दबिश दी, वहां काम कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद 4 से 5 मजदूर पुलिस के हाथ लगे, जिनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं पुलिस की घेराबंदी के दौरान कुछ लोग जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश में आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग कर रही है।
जंगल में बनाई गई थी अस्थायी फैक्ट्री-
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जंगल के भीतर टीन शेड डालकर अस्थायी रूप से फैक्ट्री तैयार की गई थी। यहां बड़े पैमाने पर सुतली बम बनाए जा रहे थे। आशंका है कि इन पटाखों की आपूर्ति आसपास के जिलों या बाजारों में की जाती होगी। बताया जा रहा है कि यहां से प्रतिदिन एक वाहन लोड होकर जाता था। पुलिस यह पता लग रही है कि यह कहां जाता था। उदयनगर से इंदौर जिले वह खरगोन जिले की सीमा लगती है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब पूर्व थाना प्रभारी भगवान सिंह बीरा को किसी मुखबिर ने जंगल में अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालन की जानकारी दी।
किसके इशारे पर चल रहा था कारोबार?
इस पूरे अवैध कारोबार का संचालन कौन कर रहा था, यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है। पुलिस मजदूरों से पूछताछ कर फैक्ट्री के संचालक और इसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। संभावना है कि इस मामले में जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जिले में पहली बार सामने आया ऐसा मामला-
देवास जिले में जंगल के भीतर इस तरह अवैध रूप से पटाखों की फैक्ट्री चलने का मामला पहली बार सामने आया है। इससे जंगल की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि बारूद और विस्फोटक सामग्री का इस तरह भंडारण और निर्माण किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।
कार्रवाई जारी-
उदयनगर थाना प्रभारी सीएल रायकवार के अनुसार सुतली बमों की अभी गिनती नहीं की गई है और मौके से बरामद सामग्री को जब्त कर जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और फैक्ट्री संचालकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।




