सफर-ए-शहादत पर्व पर पूरे सप्ताह हो रहे पाठ


कांटाफोड़ (सोहन राठौड़)। श्री गुरु गोविंद सिंह के धाम की रक्षा के लिए अपने परिवार के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए सिक्ख समाज सप्ताहभर स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में सफर ए शहादत का समागम करता है। इसमें गुरु गोविंद सिंहजी के परिवार के बलिदान को याद करते हुए पाठ और वाहेगुरु का सिमरण किया जाता है।
इसमें नगर की संगत के साथ-साथ सतवास की संगत भी उत्साह के साथ आती है। बच्चों के द्वारा भी बड़े उत्साह के साथ साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए सिमरण किया जाता है। इतनी ठंड में भी गुरुद्वारा साहिब की छत पर छोटे-छोटे बच्चों का उत्साह देखने लायक होता है।
प्रतिदिन शाम 7.30 से 9 बजे तक पाठ और वाहेगुरु सिमरण होता है। उसके पश्चात दूध का प्रसाद वितरण होता है। जो सतत 21 दिसंबर से 28 दिसंबर तक चलेगा। इसी कड़ी में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के अवसर पर श्री गुरु सिंघ सभा कांटाफोड़ द्वारा नगर के गुरुद्वारा साहिब चौक पर दूध का स्टाल लगाया गया। 28 दिसंबर को कार्यक्रम की समाप्ति के साथ गुरु का लंगर होगा। गुरु सिंघ सभा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे सप्ताह में सिक्ख समाज कोई भी शुभ कार्य नहीं करता है और ना ही लंगर में मीठा बनाया जाता है। शहादत का यह सप्ताह बहुत ही मान मर्यादा के साथ मनाया जाता है।

ज्ञात हो कि इस शहीदी सप्ताह में श्री गुरु गोविंद सिंहजी के पूरे परिवार ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। नगर का सिक्ख समाज सरकार से विनती करता है, कि गुरु गोविंद सिंहजी के परिवार द्वारा देश और धर्म के लिए दिए गए बलिदान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, जिससे बच्चों को उनका इतिहास पता चल सके।




