शिक्षा

“सृष्टि सृजन” की भावनाओं से सजा श्री श्री रविशंकर विद्या मंदिर का वार्षिक उत्सव

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इंदौर। सृजन, रचनात्मकता और प्रकृति-मानव के सामंजस्य को केंद्र में रखकर श्री श्री रविशंकर विद्या मंदिर ने अपना वार्षिक समारोह “सृष्टि-सृजन” रवींद्र नाट्य गृह में आयोजित किया। दीप प्रज्ज्वलन, गुरु पूजा, नृत्य-नाटिका, सांस्कृतिक प्रस्तुति इस समारोह के प्रमुख आकर्षण रहे।

श्री श्री रविशंकर विद्या मंदिर का वार्षिक समारोह इस वर्ष “सृष्टि-सृजन” थीम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और गुरु पूजा के साथ हुआ।

समारोह का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका रही, जिसमें सृष्टि की उत्पत्ति, प्रकृति का संतुलन और मानव की जिम्मेदारी को प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत किया गया। प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सृजन के साथ संरक्षण भी मानव का कर्तव्य है।

छात्र-छात्राओं ने शास्त्रीय, लोक एवं आधुनिक नृत्यों की सुंदर प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं संगीतात्मक सिम्फनी और वाद्य प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया, जिसे दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।

मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर सुश्री हर्षिता दवे ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि रचनात्मकता, संस्कार और नवाचार जीवन में आगे बढ़ने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बताया।

विशेष अतिथि निलेश नीलकंठ ओक, फैकल्टी एवं रिसर्चर (यूएसए) ने भारतीय सभ्यता की प्राचीनता और गहरी बुद्धिमत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि हमारी सभ्यता की महान कथा को समझना, प्रस्तुत करना और संरक्षित रखना आज की पीढ़ी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

विद्यालय की प्राचार्या कंचन तारे ने विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा शैक्षणिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन हेडगर्ल अरिणि तिवारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। वार्षिक समारोह ने “सृष्टि-सृजन” की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। यह सभी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

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