अहंकार और अभिमान मिट जाएगा उस दिन सद्गुरु की पहचान होगी- सद्गुरु मंगल नाम साहेब

देवास। दूसरों में बुराइयों को मत ढूंढो। पहले अपने अंदर झांको, अपने अंदर व्याप्त बुराइयों को देखो। हम दूसरों की बुराइयों को ढूंढने में ही अनमोल समय व्यतीत कर देते हैं। हिंसा और बुराइयों को दूर करों, क्योंकि हिंसा और बुराई मिटने का मार्ग है।
यह विचार सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने सदगुरु कबीर सर्वहारा प्रार्थना स्थली सेवा समिति मंगल मार्ग टेकरी द्वारा आयोजित गुरु शिष्य चर्चा, गुरुवाणी पाठ में व्यक्त किए। उन्होंने आगे कहा, कि जब तक तुम्हारे अंदर अहंकार, अभिमान भरा हुआ है, तब तक सद्गुरु की पहचान नहीं हो सकती। अहंकार और अभिमान जिस दिन तुम्हारा मिट जाएगा उस दिन तुम्हें सदगुरु की प्राप्ति, पहचान होगी। सद्गुरु के दरबार में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है, लेकिन यदि शिष्य जल्दी कर लेता है तो उसकी चूक है। बिना सोचे समझे जो कदम उठाया परिणाम को सामने नहीं रखा, नहीं समझा वह जीवन भर दुख पाता है।
उन्होंने कहा, कि सद्गुरु तो परम आनंद के धाम हैं जो आनंद ही बांटते हैं। इसलिए अपनी बुराइयों को और अहंकार को मिटा कर सद्गुरु की शरण में जाएं। सदगुरु की संगति से ही जीवन का बेड़ा पार होगा।
इस दौरान सद्गुरु मंगल नाम साहेब को साध संगत द्वारा नारियल भेंट कर आशीर्वचन लिया। यह जानकारी सेवक वीरेंद्र चौहान ने दी।




