सड़क किनारे झाड़ियों से बढ़ रही दुर्घटनाएं, दो वर्षों में 5 मौतें

– ग्रामीणों की अनदेखी कर रहा प्रशासन
बेहरी (हीरालाल गोस्वामी)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सड़क, जो बेहरी को बागली और चौपाल से जोड़ती है, साथ ही कच्चे रास्तों से चापड़ा और मालीपुर से भी जुड़ती है, आज आमजन के लिए सुविधा से अधिक संकट का कारण बन चुकी है।
बरसात के मौसम में सड़क के दोनों किनारों पर झाड़ियों की घनी परत जम जाती है, जो खासकर अंधे मोड़ों पर दृश्यता को पूरी तरह छिपा देती है। ऐसे में आमने-सामने से आ रहे वाहन एक-दूसरे को नहीं देख पाते, जिससे टक्कर जैसी गंभीर दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं।
झाड़ियों की वजह से लगातार हो रही दुर्घटनाएं, पांच लोगों की जान जा चुकी है
गौरतलब है कि बीते दो वर्षों में बागली से बेहरी के बीच पांच लोगों की जान इन अंधे मोड़ों और दृश्यता की कमी के कारण हुई दुर्घटनाओं में जा चुकी है। रात के समय, जब सड़क पर खड़ा वाहन झाड़ियों में छिप जाता है, तब स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
यह गंभीर मामला सिर्फ सड़क की बनावट या यातायात का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लापरवाह प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता से जुड़ा हुआ है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कई बार की शिकायत, लेकिन कोई सुनवाई नहीं-
इस समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कई बार लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री सड़क योजना विभाग के अधिकारियों को आवेदन और पत्र सौंपे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष गोविंद यादव (बेहरी), ग्राम पंचायत बेहरी के सरपंच हुकम सिंह बछानिया, उपसरपंच लखन दांगी, पूर्व सरपंच रामचंद्र दांगी, सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धनाथ सावनेर ने संयुक्त रूप से संबंधित विभागों से आग्रह किया है कि सड़क किनारे की झाड़ियों की तुरंत सफाई की जाए और अंधे मोड़ों को चिन्हित कर संकेतक लगाए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
राहगीर भी परेशान, कई बार उठाई आवाज-
रोजाना इस मार्ग से आने-जाने वाले राहगीरों ने भी कई बार मौखिक व लिखित शिकायतें की हैं। लेकिन आज तक झाड़ियां हटाने की कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। इससे न केवल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही भी दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर इस मार्ग पर जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया, तो हम मजबूर होकर चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन करेंगे।




