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स्कूल बसों की होगी सख्त जांच: सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन के अनुसार संचालन अनिवार्य

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– वीएलटीडी, फायर सेफ्टी, महिला अटेंडर और 5 साल अनुभवी ड्राइवर अनिवार्य

– फिटनेस, बीमा, परमिट, पीयूसी नहीं होने पर चालान व जब्ती तय

– 7 दिन में स्कूल बसों की जानकारी देना होगा अनिवार्य, वर्षाकाल में विशेष सतर्कता के निर्देश

देवास। जिले में संचालित स्कूल बसों की अब बारीकी से जांच होगी। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर सभी स्कूल संचालकों की बैठक पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित की गई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत स्कूल बसों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, बीमा, परमिट, पीयूसी, वीएलटीडी, कैमरा, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स जैसी अनिवार्य व्यवस्थाओं के कोई भी बस सड़क पर नहीं चलेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर चालानी व जप्ती कार्रवाई तय मानी जाएगी।

बैठक में उपस्थित स्कूल संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विद्यालय में संचालित होने वाली स्कूल बसों का संचालन माननीय सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुरूप ही करें। सभी स्कूल बसों का पंजीयन, फिटनेस, बीमा, परमिट, टेक्स, पीयूसी अनिवार्य रूप से अद्यतन होने के साथ ही वाहनों में आपातकालीन द्वार, अग्निशमन यंत्र, कैमरा, वीएलटीडी, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स भी कार्यरत स्थिति में होना आवश्यक है।

बैठक में स्‍कूल संचालकों को निर्देशित किया गया कि स्कूल बसों में छात्राओं के परिवहन होने की स्थिति में स्कूल बस में महिला अटैण्डर का होना भी अनिवार्य है। स्कूल वाहन चालकों का मेडिकल परीक्षण, पुलिस वेरिफिकेशन कराने एवं चालक को कम से कम 5 वर्ष का अनुभव होने पर ही रखने के निर्देश दिये गये। स्‍कूल संचालकों को निर्देश दिये कि वाहन चालकों एवं परिचालकों को समय-समय पर अग्निशमन यंत्र चलाने एवं प्राथमिक उपचार प्रदाय करने संबंधी प्रशिक्षण दें।

बैठक में शासन की ‘’राहवीर” योजना के बारे में बताया गया, जिसके तहत सड़क पर किसी गम्भीर दुर्घटना घटित होने की स्थिति में घायल को “स्वर्णिम समय’’ (Golden hour) में अस्पताल पहुंचाने पर राहवीर को रूपये 25 हजार रुपये तथा प्रमाण पत्र प्रदाय किया जाता है। बैठक में सायबर क्राईम के बारे में भी स्‍कूलों संचालकों को जानकारी दी गई।

स्कूल संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि आने वाले वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए स्कूल बसों को अच्छी स्थिति में संचालित की जाये, ग्रामीण क्षेत्रों में पुल पुलिया पर जलभराव होने की स्थिति में वाहनों को पार नहीं करें।

सभी स्कूल बस संचालक अपने-अपने विद्यालय में संचालित बसों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में जिला शिक्षा अधिकारी को 7 दिवस में प्रस्तुत करें। नियम विरूद्ध संचालित स्कूल बसों के विरूद्ध सघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यदि किसी बस में आवश्यक दस्तावेज नहीं पाये जाते है अथवा स्कूल बस सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाईन का पालन नहीं करते संचालित होती पाई जाती है तो नियमानुसार चालानी/जप्ती संबंधी कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में एएसपी यातायात एचएन बॉथम, जिला परिवहन अधिकारी यातायात निशा चौहान, थाना प्रभारी यातायात पवन बागड़ी, जिला शिक्षा अधिकारी हरिसिंह भारती, स्कूल संचालक उपस्थित थे।

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