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गुरु कृपा के बिना मानव जीवन अधूरा- संत राम सुमिरन जी

राम नाम लेखन पुस्तिका वितरित
देवास। गुरु कृपा के बिना मानव जीवन अधूरा रहता है। श्रद्धापूर्वक भक्ति से गुरु कृपा मिलती हैं। सभी भक्त राम नाम के जप से बंधन मुक्त हो जाते हैं। दृढ़ संकल्प से गुरु की भक्ति करना चाहिए। गुरु कृपा से मानव जीवन धन्य हो जाता है।
यह विचार श्री रामद्वारा में अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय प्रवर्तक स्वामी श्री रामचरण जी महाराज की 307वीं जयंती पर संत राम सुमिरन जी ने प्रकट किए। महेश सोनी ने बताया कि जयंती के अवसर पर प्रातःकाल रामस्नेही सत्संग मंडल द्वारा राम धुन की गई।

बाल संत पुनीत राम जी ने रामचरण जी महाराज की अनुभे वाणी का पाठ किया एवं निर्गुणी भजन प्रस्तुत किए। दोपहर 12 बजे रामद्वारा सत्संग मंडल द्वारा आरती की गई। महिला मंडल द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विजयवर्गीय समाजजन उपस्थित थे। इस अवसर पर डॉ. सीमा सोनी द्वारा सभी भक्तजनों को प्रसाद के साथ एक हजार आठ राम नाम लेखन पुस्तिका वितरित की गई।




