स्वास्थ्य

दुर्लभ केस: अमलतास हॉस्पिटल में मेडियन आर्केटलिगामेंट सिंड्रोम के साथ छोटी आंत की रुकावट की सफल सर्जरी

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देवास। चिकित्सा के क्षेत्र में देवास के अमलतास हॉस्पिटल ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यहां देश का पहला ऐसा केस सामने आया, जिसमें मेडियन आर्केट लिगामेंट सिंड्रोम के साथ छोटी आंत में रुकावट की स्थिति पाई गई और दोनों समस्याओं का एक साथ सफल ऑपरेशन किया गया।

मेडियन आर्केट लिगामेंट सिंड्रोम एक अत्यंत दुर्लभ रोग है, जिसमें celiac trunk (मुख्य रक्त वाहिका जो यकृत, आमाशय, तिल्ली व अग्नाशय को रक्त आपूर्ति करती है) पर दबाव बनता है, जिससे इन अंगों में रक्त प्रवाह बाधित होता है। इस मामले में मरीज को इस बीमारी के साथ-साथ छोटी आंत में सिकुड़न की भी समस्या थी।
यह अपने आप में देश का पहला केस है, जिसमें इन दोनों जटिल बीमारियों का एक साथ इलाज किया गया।

डॉ. राघवेन्द्र प्रताप सिंह (गेस्ट्रो एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन) के नेतृत्व में यह जटिल सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान celiac trunk पर से दबाव हटाकर संबंधित अंगों में रक्त आपूर्ति को पुनः सामान्य किया गया। साथ ही, छोटी आंत की रुकावट को हिनीकें माइकुलिक्स नामक नवीन तकनीक से ठीक किया गया।

मरीज को बचपन से ही खाना खाने के बाद पेट में दर्द, वजन न बढ़ने व अन्य समस्याएं थीं। ऑपरेशन के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है और पेट दर्द की समस्या भी समाप्त हो चुकी है।
इस सफल सर्जरी को करने वाली टीम में मुख्य सर्जन डॉ. राघवेन्द्र प्रताप सिंह के साथ सहायक सर्जन डॉ. वरुण रावत, डॉ. यातिका, निश्चेतना विभाग से डॉ. प्रेम कृष्ण (असिस्टेंट प्रोफेसर), डॉ. महेन्द्र, डॉ. समीर और ओटी स्टाफ में श्री अनिल व लक्की जाट शामिल रहे।

अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के चेयरमैन मयंक राज सिंह भदौरिया ने बताया कि हमारे डॉक्टरों की विशेषज्ञता, टीमवर्क और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता ने आज एक असंभव लगने वाले केस को संभव कर दिखाया। यह उपलब्धि सिर्फ अमलतास हॉस्पिटल ही नहीं, बल्कि पूरे चिकित्सा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।

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