तकनीक के साथ चलें, लेकिन उसके गुलाम न बनें

– देवास में प्रेस क्लब की पत्रकार कार्यशाला में वक्ताओं ने दिया मार्गदर्शन
– पत्रकारिता की चुनौतियों पर हुआ संवाद और सम्मान समारोह
देवास। पत्रकारिता के वर्तमान परिदृश्य, बदलते तकनीकी युग और सामाजिक दायित्वों को केंद्र में रखते हुए प्रेस क्लब देवास द्वारा मल्हार स्मृति मंदिर ऑडिटोरियम में एक दिवसीय कार्यशाला एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकारों, शिक्षाविदों और मीडियाकर्मियों ने न सिर्फ अनुभव साझा किए, बल्कि पत्रकारिता के भावी स्वरूप को लेकर गहन संवाद भी किया।
सूत्रों से नहीं, ज़मीन से खबर लीजिए- ललित उपमन्यु
कार्यशाला में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ प्रिंट पत्रकार ललित उपमन्यु ने पत्रकारिता की समकालीन चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा, खबर में आपके भाव नजर आते हैं। अधिक तकनीक के इस्तेमाल से मैदानी पत्रकारिता का अभाव सा हो गया है। उन्होंने कहा कि सूत्र आपको उसके नजरिए से खबर देगा, लेकिन जब मैदानी पत्रकारिता करते हैं तो बहुत बदलाव देखने को मिलता है।

उन्होंने कहा पत्रकार से समाज को उम्मीद है। पत्रकारिता किस दिशा में है, यह आपको पता होना चाहिए। हमें खबर जनता के हित में लिखना है। भाषा, तथ्य, शैली लाइये खबर में। तकनीक के गुलाम न बनें। तकनीक के साथ रहें, तकनीक के साथ चलें।
उन्होंने कहा तकनीक के अत्यधिक प्रयोग से मानसिक विकास संभव नहीं है। हम भीड़ से अलग नहीं दे सकते हैं तो भीड़ में खो जाएंगे। खबरों में आज भी दम है। जो प्रभाव कम हुआ है उसे लौटाना है। खबर एक संपूर्ण पैकेज है। मैं सब जानता हूं, इससे बचे, इगो न रखें और सदैव सीखते रहे।
श्री उपमन्यु ने यह भी कहा कि समाज को आज भी सच्ची और तथ्यपरक खबर की जरूरत है। पत्रकारिता में भाषा, तथ्य और संवेदना का समन्वय होना चाहिए।
1 मिनट की रील में भी जनहित की खबर पहुंचाई जा सकती है- ज्ञानेंद्र तिवारी
सीनियर जर्नलिस्ट ज्ञानेंद्र तिवारी ने संबोधित करते हुए कहा डिजिटल मीडिया के दौर में रील अधिक पसंद की जा रही है। हर व्यक्ति 1 मिनट की रील देख रहा है। कम समय में खबरे चाहिए। निरंतर सीखना भी जारी रखें। ऐसा नहीं करते हैं तो बहुत गड़बड़ हो जाएगी।
तिवारी ने पत्रकारों के बीच आपसी मतभेदों पर चिंता जताते हुए कहा, हम आपस में ही द्वंद्व पाल लेते हैं। पत्रकारिता के लिए यह स्थिति खतरनाक है। हमें एकजुट होना है, संवाद और सहयोग की संस्कृति को अपनाना है। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से सीधा संवाद भी किया और सवालों के जवाब दिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता आज भी जनहित की खबरों को महत्व देती है। अगर आप सही मुद्दों पर, सही तरीके से रिपोर्ट करेंगे तो जनता आपको सिर माथे पर बिठाएगी।
ज्ञान का प्रमाण पत्र नहीं, अनुभव ही प्रमाण है- डॉ. वंदना जोशी
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर की प्रो. डॉ. वंदना जोशी ने अपने वक्तव्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उसके पत्रकारिता में बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, AI के युग में पत्रकारों के लिए सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। ज्ञान का कोई एकमात्र प्रमाणपत्र नहीं होता असली प्रमाण हमारा अनुभव होता है।
उन्होंने कहा कि एआई को अपनाने में हिचक नहीं होनी चाहिए, परंतु यह भी समझना जरूरी है कि तकनीक केवल उपकरण है। निर्णय लेने की शक्ति मनुष्य में होनी चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलें, लेकिन अपनी वैचारिक स्वतंत्रता और सामाजिक समझ को कभी न खोएं।

हमारा जीवन ही कार्यशाला-
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत प्रेस क्लब अध्यक्ष ललित शर्मा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा, कि जन्म से ही हमारी कार्यशाला आरंभ हो जाती है। सर्वप्रथम माता-पिता हमें संस्कार देते हैं। फिर शिक्षक शिक्षा देते हैं। इनके माध्य्म से हम ज्ञान अर्जित करते हैं। अगर हम कार्यशाला में गंभीरता से ज्ञान प्राप्त नहीं करते हैं तो सफल नहीं हो पाएंगे। अगर गुणी, व्यवहारिक बनना है तो कार्यशाला में शामिल होना चाहिए।

उन्होंने कहा पत्रकारिता गहराई का विषय है, जीवनभर सीखना है। जिनसे भी मिले उनसे हम ज्ञान ले सकते हैं। हर समय हम आरंभ कर सकते हैं। संस्कार, शिक्षा और अनुभव के संगम से ही पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे को निभाया जा सकता है।
सचिव ने दी प्रेस क्लब की गतिविधियों की जानकारी-
प्रेस क्लब के सचिव शेखर कौशल ने क्लब की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि क्लब न केवल पत्रकारों के हक में आवाज़ उठाता है, बल्कि उनके ज्ञान और क्षमताओं को भी निरंतर बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा, इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल ज्ञानवर्धक होती हैं, बल्कि आपसी समन्वय और नई सोच को जन्म देती हैं।
पत्रकारों का सम्मान भी हुआ-
कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ पत्रकारों को मंच पर सम्मानित किया गया। उनके अनुभवों को साझा करते हुए मंच से नई पीढ़ी को प्रेरित किया गया।
अतिथियों का स्वागत प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री शर्मा, सचिव श्री कौशल, उपाध्यक्ष खुमानसिंह बैस, शकील खान, सहसचिव अशोक पटेल कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ मोदी, कार्यकारिणी सदस्य चेतन राठौड़ एवं अरुण परमार, शैलेंद्रसिंह अड़ावदिया, राजेंद्र चौरसिया, खूबचंद मनवानी, जितेंद्र शर्मा ने किया।
कार्यशाला में शहर के वरिष्ठ पत्रकार असलम खान, तरुण मेहता, अनिलराज सिंह सिकरवार, श्रीकांत उपाध्याय, अतुल बागलीकर, विनोद जैन, अतुल शर्मा, हेमंत शर्मा, दिलीप मिश्रा, मुन्ना वारसी, जगदीश सेन, पंडित प्रमोद मेहता राजेंद्र बज का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार अरविंद त्रिवेदी ने किया किया। सभी अतिथियों का अभिनंदन प्रेस क्लब के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।




