हमारा आचरण ऐसा हो कि किसी की नजर में न गिरें- आचार्य पं. शुभम कृष्ण शास्त्री

“मिल जाओ राम तरस रही अखियां” भक्ति गीत की प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूमने लगे
देवास। खाटू श्याम महिला समिति चाणक्यपुरी एक्सटेंशन द्वारा 2 से 8 मार्च तक चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, चाणक्यपुरी एक्सटेंशन में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन व्यासपीठ से कथा वाचक आचार्य पं. शुभम कृष्ण शास्त्री (खातेगांव वाले) ने विचार प्रकट करते हुए कहा कि संसार में कहीं से भी गिर जाएं- व्यापार में, खेती में तो फिर भी उठ सकते हैं, लेकिन समाज की नजर से गिरा हुआ व्यक्ति, माता-पिता की नजर से गिरा हुआ पुत्र, पति की नजर से गिरी हुई पत्नी और गुरु की नजर से गिरा हुआ शिष्य कभी नहीं उठ पाता। संसार में जो व्यक्ति नजरों से गिर जाता है, वह फिर कभी नहीं उठ पाता। इसलिए हमारा आचरण ऐसा न हो कि किसी की नजर में हमें गिरना पड़े।
परमात्मा के चरणों में निरंतर एक ही प्रार्थना करनी चाहिए “हे भगवान! हमारे द्वारा कभी कोई ऐसा कर्म न हो जिससे हम समाज, माता-पिता, पति या गुरु की नजर में गिर जाएं।”
आगे उन्होंने कहा कि बाबा महादेव से बड़ा रामजी का कोई भक्त नहीं हो सकता और रामजी से बड़ा कोई भक्त महादेव का नहीं हो सकता। बाबा महादेव निरंतर भगवान नारायण का जप-भजन करते हैं और भगवान नारायण भी निरंतर भगवान शिव का ध्यान करते हैं। ऐसे कट्टर भक्त हैं कि भगवान रामजी के लिए भोलेनाथ ने सीता के भेष में अपनी पत्नी को देख लिया तो तुरंत त्याग कर दिया।
एक बार भगवान नारायण ने संकल्प लिया कि वे भगवान शिव को 1000 पुष्प अर्पित करेंगे। 999 पुष्प भगवान को चढ़ा दिए, लेकिन एक पुष्प कहीं चला गया। तब भगवान मन में विचार करने लगे कि मेरा संकल्प पूर्ण कैसे होगा? कमलनयन भगवान ने अपना बाण उठाया और अपना नेत्र निकालकर भगवान शिव को अर्पण कर दिया।
इस दौरान आचार्य पं. शुभम कृष्ण शास्त्री ने “मिल जाओ राम तरस रही अखियां” जैसे एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु झूमने लगे।
आयोजक खाटू श्याम महिला समिति चाणक्यपुरी की विभा दुबे, देव बाई, पुष्पा वर्मा, ज्योति मिश्रा, मंजू धाकरे, हेमलता वर्मा, अनीता खराडिया ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर महाआरती की।
कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक हो रही है। सैकड़ों धर्मप्रेमियों ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ लिया।




