सत्य को कोई उपलब्ध होना नहीं चाहता, सब झूठ बटोर-बटोरकर खड़े हैं- सद्गुरु साहेब मंगल नाम

देवास। जगत में बैरी कोई नहीं जो मन शीतल होय.., अगर मन शीतल हो जाए तो दुनिया में कोई भी आपका बैरी नहीं रहेगा। मन शीतल नहीं हुआ इसलिए लड़ते हैं, झगड़ते हैं। मन को शीतल करने के लिए आदमी का जो विश्वास है वह एक-दूसरे के दिल में जगह पाने से होता है। निर्बेर श्वांस सबके अंदर बैठी है, ना तो वह राम का पक्ष लेती है, ना रावण का। दुनिया के किसी भी झगड़े फसाद से अलग होने के लिए देह में सुर गुरु जो श्वांस है, वही परमात्मा है। उस तरफ कोई नहीं देखता। कोई कपड़े का, कोई चमड़े का, कोई उम्र, का कोई रंग का, तो कोई पद और प्रतिष्ठा का रंग दिखा रहा है। जो श्वास है, जिसकी तरफ यदि झुक जाएं तो विवाद खत्म हो जाएं। सत्य को कोई उपलब्ध होना ही नहीं चाहता। सब झूठ बटोर-बटोरकर खड़े हैं। यह विचार सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने कबीर प्रार्थना स्थली प्रताप नगर में आयोजित किए गए 13 दिवसीय बसंत महोत्सव के पांचवें दिन बुधवार को प्रकट किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सद्गुरु के अनुयायी सात समंदर गुरुवाणी पाठ तत्व बोध चर्चा में शामिल हुए।




