राजयोग शिक्षा से कर्म और कला दोनों का विकास होता है- ब्रह्माकुमारी प्रेमलता


देवास। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेंटर कालोनी बाग की ब्रह्मकुमारी बहनों द्वारा जिलेभर में राजयोग मेडिटेशन व अध्यात्म की अलख जगाने का बीड़ा उठाया है। परोपकार की भावना लिए ब्रम्हाकुमारी बहनों द्वारा निरंतर अध्यात्म की गंगा बहाने पर मां चामुंडा सेवा समिति ने समाजसेवी रामेश्वर जलोदिया के नेतृत्व में समिति सदस्यों एवं समाजसेवी द्वारा ब्रह्माकमारी बहन प्रेमलता, मनीषा बहन, अपुलश्री बहन का कालानी बाग सेंटर पर शाल-श्रीफल, मां की चुनरी ओढ़ाकर, पुष्प मालाओं से अभिनंदन किया गया। प्रवचन एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में जिले की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी प्रेमलता बहन ने अपने उद्बोधन में कहा कि कला को राजयोग की शिक्षा से उन्नत किया जा सकता। राजयोग से कलाएं उभरती हैं। जीवन में राजयोग शिक्षा का बड़ा महत्व है। राजयोग शिक्षा से कर्म और कला दोनों का विकास होता है। कर्म आजीवन चलते हैं, क्योंकि इनके बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं, परंतु कलाएं जैसे नृत्यकला, चित्रकला आदि समय-समय पर या विशेष मौकों पर ही प्रदर्शित की जाती है। इस अवसर पर मां चामुंडा सेवा समिति के समाजसेवी नरेंद्र मिश्रा, अरस्तु मधुर, उम्मेदसिंह राठौड़, नारायण व्यास, दिनेश सांवलिया, इंदरसिंह गौड़, हेमा बहन, मंजू जलोदिया, दुर्गा व्यास, संगीता जोशी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री जलोदिया ने किया। आभार नरेंद्र मिश्रा ने माना।




