झूलन महोत्सव में ठाकुरजी को रिझाने के लिए भक्तों ने गुरु के सानिध्य में किया हरि नाम का सुमिरन

सतवास। परम्परानुसार नगर में दो दिवसीय झुलोत्सव नागोरिया पीठाधीश्वर श्रीमद्जगदगुरु स्वामी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज के सानिध्य में उत्साह के साथ मनाया गया।
माहेश्वरी मांगलिक भवन में 26 जुलाई को मनमोहक झुले में भगवान गोपालजी का झुलन महोत्सव मनाया। दूसरे दिन गोपालजी के एक हजार आठ नामो का उच्चारण कर तुलसी दल अर्पित किया।
स्वामीजी के साथ हरिद्वार आश्रम के युवराज दिव्यांश वेदांती, अयोध्या के आचार्य शशिधराचार्य महाराज ने भगवान के नाम का श्रवण कराया। श्रद्धालु अपने-अपने घर में विराजित गोपालजी की प्रतिमा लाए।
कार्यक्रम के दौरान लघु विश्राम पर भजन गायक सत्यम तिवारी, गोबिन्दराम करवा ने भजनों की प्रस्तुति दी। दो दिवसीय उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु चरण का पूजन किया।
रविवार को दोपहर 1 बजे भक्तों ने मानधन्या निवास पर आचार्यश्री की मंगल हो मंगल हो श्रीस्वामीजी का मंगल हो उदघोष के साथ बिदाई की।
बिदाई के पूर्व सुभाष मानधन्या ने परिवार के साथ गुरु चरण पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर गिरधर राठी, मनोज नोगजा, नारायण राठी, रूपेश सिंगी, प्रमोद राठी, श्याम सिंगी, तनय राठी, नयन राठी ने भावविभोर होकर बिदाई दी।
कमल मानधन्या, दिलीप राठी, हेमराज गोयल, जीतू मित्तल, विनय राठी, राकेश लाहोटी, राम नोगजा, विनोद राठी मनोहर मानधन्या, कृष्णा राठी, पवनकुमार मानधन्या, राजेन्द्र लाहोटी, विमल सिंगी सहित गुरुभक्तों ने गुरुचरण पूजन किया। प्रगति मानधन्या के विशेष आग्रह पर आचार्यश्री ने शीघ्र ही पुनः सतवास आने का आशीष कर उत्साहित किया।




