पूजा पाठ तभी सार्थक जब आपसे सभी प्रसन्न रहे- स्वामी रामनारायणजी

– बुधवार को मनाई जाएगी डोल ग्यारस
देवास। पूजा पाठ तभी सार्थक है, जब आपसे सभी प्रसन्न रहे। यह विचार श्रीराम द्वारा में भागवत कथा में स्वामी रामनारायण जी ने प्रकट किए। उन्होंने कहा, कि माता-पिता एवं परिवार के सदस्यों के प्रति आदर भाव रखना चाहिए। पूजा पाठ तभी सार्थक है जब घर के सदस्य एवं पड़ोसी भी प्रसन्न रहे।
आगे कहा कि हम जिस देश में रहते हैं उसके प्रति तन, मन और धन से समर्पित होकर कार्य करना चाहिए। जीव मात्र के प्रति दया भाव रखना चाहिए। प्रतिदिन जीव सेवा अनिवार्य रूप से करना चाहिए। मंगलवार को कथा के अंतर्गत कपिल भगवान का जन्मोत्सव उल्लासपूर्वक मनाया गया। शुकदेव मुनि एवं राजा परीक्षित के बीच हुए संवाद का वर्णन करते हुए कहा, कि जिस प्रकार बुरा सपना नींद खुलने पर टूट जाता है, उसी प्रकार भागवत कथा के श्रवण से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। व्यक्ति को भागवत कथा सुनकर उसका अपने जीवन में पालन करना भी चाहिए और अपने घर के सदस्यों से उसका पालन करवाना भी चाहिए।
बुधवार को डोल ग्यारस पर्व के अवसर पर रामद्वारा का डोल नगर भ्रमण करेगा। भागवत कथा के अंतर्गत राम द्वारा सत्संग मंडल ने सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। कथा का समय दोपहर एक से पांच बजे तक रखा गया है।




