धर्म-अध्यात्म

जीवन में अगर अनुशासन नहीं तो सफलता भी नहीं

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शिव महापुराण कथा में आचार्य पं. देवेंद्र पाराशर ने बताया नियम-संयम का महत्व
देवास। पूजा, पाठ, जप-तप सभी के लिए शास्त्रों में नियम बनाए गए हैं। जीवन में नियम-संयम, अनुशासन का बहुत अधिक महत्व है। जीवन में अगर अनुशासन नहीं है तो सफलता भी नहीं मिलेगी। सफल व्यक्ति की जीवन गाथा को समझेंगे और पढ़ेंगे तो यह जानकारी लगेगी कि उनका जीवन कितना अनुशासित है। नियमों का पालन करें, अनुशासित रहें सफलता अवश्य ही प्राप्त होगी।
यह प्रेरणादायी संदेश राजाराम नगर स्थित श्री राधा गोविंद धाम में शिव महापुराण कथा में आचार्य पं. देवेंद्र पाराशर ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा हमारे देश की नारियां धर्म-कर्म में अग्रणी भूमिका निभा रही है। भागवत कथा, भजन-कीर्तन सहित अन्य धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की संख्या ही अधिक नजर आती है। देश में नारी शक्ति का बड़ा योगदान है। आज नारी हर क्षेत्र में आगे हैं। नारी समाजसेवा, देशसेवा कर रही हैं। कथा में आचार्यश्री ने एक बात पूछती हूं बताओ ना बाबूजी… भजन सुनाया तो पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। उनकी आंखों से आंसू छलक उठे। कथा के दौरान आचार्यश्री ने अन्य भजन भी सुनाए। भजनों पर श्रद्धालुओं ने शिवजी की भक्ति में भाव-विभोर होकर नृत्य किया। मुख्य यजमान आकाश शर्मा, सोनाली शर्मा ने पूजन-अर्चन किया। करणी सेना परिवार की प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पलता सोनगरा सहित आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजक श्रीकृष्णानुरागी पं. सत्येंद्र शर्मा ने श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर पुण्यलाभ लेने का अनुरोध किया है।

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