धर्म-अध्यात्म

संवाद के प्रकाश से ही मिलता है न्याय, सत्य की परख ही न्याय का आधार- सद्गुरु मंगल नाम साहेब

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देवास। न्याय केवल कानून की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्य, संवाद और निष्पक्षता की साधना है। पीड़ित को वास्तविक न्याय तभी मिलता है जब संवाद का उजियारा अंधकार को दूर करता है और सत्य सामने आता है।

यह प्रेरक संदेश सद्गुरु कबीर आश्रम टेकरी के प्रमुख सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने जिला अभिभाषक संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को आशीर्वचन देते हुए दिया। संस्कृति और परंपरा के अनुरूप जिला अभिभाषक संघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष रामप्रसाद सूर्यवंशी एवं सचिव चंद्रपालसिंह सोलंकी ने सद्गुरु कबीर आश्रम टेकरी पहुंचकर सद्गुरु मंगल नाम साहेब से सौजन्य भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने कहा कि संवाद ही वह प्रकाश है, जिसके माध्यम से छिपे हुए सत्य सामने आते हैं और पीड़ितों को न्याय मिल पाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हवा दिखाई नहीं देती, लेकिन उसका अस्तित्व अनुभव किया जाता है, उसी प्रकार अनेक अनदेखे सत्य संवाद के माध्यम से ही समझे जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विदेही हवा और विदेही शब्द ही संसार की रक्षा कर रहे हैं। यह निष्पक्ष और निर्वैर भाव से प्रत्येक प्राणी के भीतर विद्यमान हैं। कबीर वाणी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा-
“सत्य-असत्य के माप को, शब्द किया आधार।
मुक्तावन सोई है, जो जाने जानन हार।।”

सद्गुरु ने कहा कि सत्य और असत्य की परख केवल पारखी व्यक्ति ही कर सकता है। वही साक्ष्यों और गवाहों की वास्तविकता को समझकर न्याय के सही स्वरूप तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि न्याय विश्व की अमूल्य धरोहर है, जिससे समाज में विश्वास, संतुलन और प्रसन्नता का संचार होता है।

इस दौरान सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने अध्यक्ष रामप्रसाद सूर्यवंशी एवं सचिव चंद्रपाल सिंह सोलंकी का दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया तथा उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर साध संगत के राजेंद्र चौहान, मांगीलाल साहेब सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम की जानकारी सेवक वीरेंद्र चौहान ने दी।

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