शिक्षा

अपार आईडी में देवास ने लगाई लंबी छलांग, 53वें से पहुंचा 34वें स्थान पर

एक सप्ताह में करीब 27 हजार आईडी बनीं, जिले में 3.06 लाख विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का लक्ष्य

Share

देवास। विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने और स्कूल बदलने पर भी रिकॉर्ड को आसानी से ट्रांसफर करने के उद्देश्य से बनाई जा रही अपार आईडी को लेकर देवास जिले में अब तेजी से काम हो रहा है।

कुछ समय पहले प्रदेश में 53वें स्थान पर रहा देवास जिला अब 34वें स्थान पर पहुंच गया है। जिला शिक्षा केंद्र द्वारा विद्यालय स्तर पर लगाए गए विशेष शिविरों के बाद अपार आईडी बनाने के काम में तेजी आई है।

12 अंकों की डिजिटल पहचान, एक जगह पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड-
अपार आईडी विद्यार्थियों की 12 अंकों की विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत तैयार की जा रही इस आईडी में विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाता है। इसमें मार्कशीट सहित अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहता है।

सबसे खास बात यह है कि विद्यार्थी के स्कूल बदलने पर उसका शैक्षणिक डेटा अपार आईडी के माध्यम से आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके अलावा छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी यह डिजिटल पहचान उपयोगी होगी। विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड जरूरत के समय आसानी से देखा और उपलब्ध कराया जा सकेगा।

शिविरों से बढ़ी रफ्तार-
देवास जिले में अपार आईडी बनाने के काम में शुरुआत में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही थी। जिला प्रदेश में 53वें स्थान तक पहुंच गया था। इसके बाद जिला शिक्षा केंद्र ने विद्यालय स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर प्रक्रिया को गति दी। इसका असर अब आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। एक सप्ताह में करीब 27 हजार विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई गई हैं, जिससे देवास की रैंकिंग 53वें से सुधरकर 33वें स्थान पर पहुंच गई है।

3 लाख 6 हजार 871 आईडी बनाने का लक्ष्य-
जिले में कुल 3 लाख 6 हजार विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी और निजी स्कूलों में इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा विद्यालय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों की आईडी समय पर बनाई जा सके। अब तक 2 लाख 24 हजार 570 आईडी जनरेट हो चुकी है। लगभग 73.18 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

आधार और अभिभावक की सहमति जरूरी-
अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया में विद्यार्थी का आधार कार्ड और माता-पिता की सहमति आवश्यक है। विभाग द्वारा स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों को इसकी प्रक्रिया और उपयोगिता के बारे में जानकारी भी दी जा रही है।

डीपीसी बोले- लगातार हो रहा सुधार-
जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) सुनील शर्मा ने बताया कि अपार आईडी बनाने में देवास जिला प्रदेश में 53वें स्थान पर था। इसके बाद स्कूल स्तर पर विशेष शिविर लगाए गए, जिसके परिणामस्वरूप अब देवास 33वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अपार आईडी बनाने के काम में लगातार गति आ रही है और विभाग का प्रयास है कि लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

Back to top button