लक्ष्य के मुताबिक वसूली नहीं तो वेतन पर रोक, नगर निगम आयुक्त ने दिखाई सख्ती
नगर निगम आयुक्त ने की संपत्तिकर, जलकर और कचरा संग्रहण शुल्क वसूली की समीक्षा

– जलकर नाकेदारों को 15 दिन में 40 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य
देवास। नगर निगम की राजस्व वसूली में लापरवाही अब संबंधित कर्मचारियों पर भारी पड़ सकती है। संपत्तिकर, जलकर और कचरा संग्रहण शुल्क की लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित कर्मचारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
इतना ही नहीं, वसूली में लापरवाही के मामले में एक कर्मचारी की सेवा समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार, 12 अक्टूबर को निगम के बैठक हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने समयावधि पत्रों, सीएम हेल्पलाइन और महापौर हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के निराकरण के साथ ही निगम की राजस्व वसूली और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
छह वार्डों के वसूलीकर्ताओं का वेतन रोकने के निर्देश
संपत्तिकर, जलकर और कचरा संग्रहण शुल्क की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होने पर नाराजगी जताई। कचरा संग्रहण शुल्क की वसूली में वार्ड 10, 12, 14, 23, 33 और 35 के वसूलीकर्ताओं का वेतन आहरण नहीं करने के निर्देश दिए। वहीं संपत्तिकर वसूली में वार्ड 8, 27 और 36 के नाकेदारों के वेतन आहरण पर रोक लगाने को कहा।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन नाकेदारों को वसूली का लक्ष्य दिया गया है, उन्हें निर्धारित लक्ष्य हासिल करना होगा। वसूली में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
15 दिन में 40 लाख रुपये वसूलने का लक्ष्य
जलकर वसूली की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने जलकर नाकेदारों को अगले 15 दिनों में 40 लाख रुपये की वसूली करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। जिन वार्डों की गलियों से जलकर की राशि जमा नहीं हो रही है, वहां पानी की सप्लाई बंद करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इसके साथ ही शेष मैरिज गार्डन, रेस्टोरेंट, होटल, मॉल और शोरूम की नपती कर संपत्तिकर के खातों में आवश्यक सुधार करने तथा बकाया अंतर राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए।
स्ट्रीट वेंडर्स के आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर
बैठक में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने पात्र हितग्राहियों के ऋण स्वीकृति प्रकरणों में तेजी लाने और बैंकों के माध्यम से अधिक से अधिक क्रेडिट कार्ड वितरित कराने के निर्देश दिए। श्रम मानधन योजना के आवेदनों को गूगल शीट में अपडेट करने और उनकी प्रगति बढ़ाने को कहा।
जिन स्ट्रीट वेंडर्स के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें चिह्नित कर कार्ड बनवाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। संबल और कर्मकार मंडल योजनाओं के अंतर्गत 31 से 50 दिन तथा 51 से 100 दिन से लंबित आवेदनों का निराकरण करने पर भी जोर दिया गया।
सड़क पर मवेशी छोड़ने वालों पर होगी चालानी कार्रवाई
आयुक्त ने आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला पहुंचाने की कार्रवाई की जानकारी ली। साथ ही पालतू गौवंश को सड़कों पर खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करने और उन्हें सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
शहर की आपातकालीन अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र स्थित फायर स्टेशन की जानकारी भी ली गई। शहर के प्रमुख मार्गों पर बनी पानी की टंकियों से आपात स्थिति में तत्काल पानी उपलब्ध कराने के लिए दो से तीन स्थानों पर फायर कॉक लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
शंकरगढ़ पहाड़ी के पौधों को नियमित पानी देने के निर्देश
अमृत हरित अभियान और नमो हरित अभियान की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने शंकरगढ़ पहाड़ी पर लगाए गए पौधों को नियमित रूप से पानी देने के निर्देश दिए, ताकि पौधों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को लेकर वाहन प्रभारी को निर्देशित किया गया कि सभी वाहनों पर हेल्पर और ड्राइवर की व्यवस्था सुनिश्चित रहे। कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर संबंधित फर्म को सूचना पत्र जारी करने को कहा गया। अवैध कॉलोनियों में कंपाउंडिंग के माध्यम से मकानों को वैध प्रक्रिया में लाने के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
नवरात्रि में व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश
आयुक्त ने सीएम हेल्पलाइन, महापौर हेल्पलाइन और समयावधि पत्रों से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निराकरण करने पर जोर दिया। नवरात्रि पर्व के दौरान नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।



