खेत-खलियान

देवास मंडी में पेमेंट गेटवे पर कार्यशाला आयोजित, ई-भुगतान प्रणाली से किसानों को मिलेगा पारदर्शी और त्वरित भुगतान

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देवास। कृषि उपज मंडी देवास के सभाकक्ष में शनिवार को किसानों एवं व्यापारियों के लिए पेमेंट गेटवे प्रणाली विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का उद्देश्य मंडी में कृषि उपज के क्रय-विक्रय के बाद होने वाले भुगतान को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाना था। विशेषज्ञों ने व्यापारियों एवं मंडी कर्मचारियों को नई ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, ई-अनुज्ञा पंजीयन और डिजिटल प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यशाला में उज्जैन संयुक्त संचालक एमएस मुनिया, मंडी सचिव एके परिहार, मंडी बोर्ड भोपाल के आईटी सलाहकार डॉ. निरंजन सिंह, सत्यनारायण वर्मा, मयंक भूमरकर, देवास अनाज व्यापार संघ अध्यक्ष संजय पोरवाल, मध्यप्रदेश अनाज व्यापार संघ के शरद अग्रवाल, सुधीर जैन, धर्मेश फूड के धर्मेश जी सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने समझाई पूरी डिजिटल भुगतान प्रक्रिया-
कार्यशाला में बताया गया कि नई पेमेंट गेटवे प्रणाली के माध्यम से किसान को मंडी में प्रवेश से लेकर भुगतान प्राप्त होने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। इसके अंतर्गत सबसे पहले किसान को गेट पास जारी किया जाएगा। इसके बाद कृषि उपज की खुली बोली (ऑक्शन) होगी, फिर उपज की तुलाई एवं वजन किया जाएगा। इसके आधार पर भुगतान पत्रक (भुक्तान पत्रक) तैयार होगा, जिसमें उपज का मूल्य एवं अन्य गणनाएं दर्ज रहेंगी।

इसके बाद खरीदार नकद अथवा ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करेगा, जो सुरक्षित पेमेंट गेटवे के जरिए बैंकिंग नेटवर्क से प्रोसेस होगा। निर्धारित मंडी शुल्क कटने के बाद शेष राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने पर किसान एवं संबंधित पक्षों को डिजिटल रसीद (ई-रिसीप्ट) भी उपलब्ध कराई जाएगी।

ई-अनुज्ञा पंजीयन की दी जानकारी-
आईटी विशेषज्ञों ने कार्यशाला में ई-अनुज्ञा (e-Anugya) पंजीयन, ऑनलाइन दस्तावेज़ प्रक्रिया, डिजिटल सत्यापन एवं भुगतान संबंधी तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए उपस्थित व्यापारियों के सवालों के जवाब भी दिए।

संयुक्त संचालक श्री मुनिया ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था से भुगतान में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और किसानों को राशि सीधे उनके बैंक खातों में शीघ्र प्राप्त होगी।

डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता-
मंडी सचिव एके परिहार ने कहा कि मंडी की सभी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल बनाया जा रहा है। पेमेंट गेटवे प्रणाली लागू होने से भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। इससे किसानों, व्यापारियों एवं मंडी प्रशासन सभी को लाभ मिलेगा तथा विवाद की संभावनाएं भी कम होंगी।

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