धर्म-अध्यात्म

आषाढ़ी एकादशी पर भक्ति में सराबोर हुआ देवास, भगवान विठ्ठल की दिंडी यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

ढोल-ताशों की गूंज, लेजिम की मनमोहक प्रस्तुति और 'विठ्ठल... विठ्ठल... जय हरी विठ्ठल' के जयघोष से भक्तिमय हुआ शहर

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देवास। आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र समाज द्वारा भगवान विठ्ठल पंढरीनाथ की पारंपरिक दिंडी यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई।

ढोल-ताशों की गूंज, लेजिम की प्रस्तुति और “विठ्ठल… विठ्ठल… जय हरी विठ्ठल” के जयघोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

विठ्ठल दिंडी यात्रा

दिंडी यात्रा का शुभारंभ महाराष्ट्र समाज परिसर से भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी के पूजन-अर्चन और महाआरती के साथ हुआ। भगवान विठ्ठल पंढरीनाथ की सुसज्जित पालकी के साथ बड़ी संख्या में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।

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यात्रा नावेल्टी चौराहा, तहसील चौराहा, शनि मंदिर चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री फड़नीस के विठ्ठल मंदिर पहुंची, जहां विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती की गई।

यात्रा का मुख्य आकर्षण महाराष्ट्र समाज की महिलाओं और युवतियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लेजिम रही। ढोल-ताशों की थाप पर दी गई प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

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मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर दिंडी यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद दिंडी यात्रा पुनः महाराष्ट्र समाज परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।

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