क्षिप्रा ट्रीटमेंट प्लांट में निगमायुक्त ने लिया पानी की गुणवत्ता का जायजा
नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी किया निरीक्षण, एलम-ब्लिचिंग की मात्रा की रोजाना मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

देवास। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और पानी की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में निगमायुक्त दलीप कुमार ने क्षिप्रा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया।
अचानक पहुंचे निगमायुक्त ने नए और पुराने दोनों ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने नवीन प्रगतिरत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में चल रहे निर्माण कार्यों को देखा। उन्होंने संबंधित फर्म को निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य को निर्धारित समय में शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
इसके बाद निगमायुक्त ने पुराने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। यहां प्लांट में पानी को फिल्टर करने की प्रक्रिया और उसकी गुणवत्ता की जांच की गई। निगमायुक्त ने प्लांट में स्थित लैब में पानी की गुणवत्ता का परीक्षण भी करवाया।
उन्होंने संबंधित उपयंत्री को निर्देशित किया कि पानी को फिल्टर करने के लिए आवश्यक एलम एवं ब्लिचिंग पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे, ताकि जल शोधन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न आए। साथ ही उन्होंने प्रतिदिन पानी फिल्टर करने में उपयोग होने वाले एलम और ब्लिचिंग की मात्रा की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
निगमायुक्त ने लैब में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच कर उसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जल शोधन प्रक्रिया में उपयोग होने वाली सामग्री और पानी की गुणवत्ता की लगातार निगरानी जरूरी है, ताकि नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।




