हवाई हमले की स्थिति में कैसे बचें? देवास में मॉकड्रिल में दिखाया गया राहत-बचाव का पूरा ऑपरेशन
ऊंची बिल्डिंग में फंसे लोगों को रस्सी से उतारकर किया रेस्क्यू

देवास। हवाई हमला हो या किसी बड़े हादसे की स्थिति, संकट के समय घबराने के बजाय किस तरह खुद को सुरक्षित रखा जाए और दूसरों की मदद की जाए—इसी की तैयारियों को परखने के लिए देवास में संयुक्त मॉकड्रिल आयोजित की गई।
नगर निगम परिसर में आयोजित मॉकड्रिल में होमगार्ड, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, आपदा मित्र, नगर निगम, फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन की टीमें शामिल हुईं। अभ्यास के दौरान अलग-अलग विभागों ने आपदा की स्थिति में आपसी समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य करने का प्रदर्शन किया।
इमारत में लगी आग, ऊपर फंसे लोगों का किया रेस्क्यू-
मॉकड्रिल के दौरान इमारत के ऊपरी हिस्से में आग लगने की स्थिति बनाई गई। इसमें दिखाया गया कि आग और धुएं के बीच ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों को किस तरह सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।

रेस्क्यू टीम ने विशेष उपकरणों और रस्सियों की मदद से ऊपरी हिस्से में फंसे लोगों को नीचे उतारने का अभ्यास किया। इस दौरान जवानों की तत्परता और टीमवर्क देखने को मिला।
घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार, गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से भेजा-
अभ्यास के दौरान घायल लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया भी दिखाई गई। परिसर में एंबुलेंस तैनात रखी गई थी, ताकि गंभीर घायलों को बिना देरी अस्पताल पहुंचाया जा सके।

मॉकड्रिल में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को मौके से सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाने और उसे अस्पताल रवाना करने का पूरा अभ्यास किया गया।
संकट के समय नागरिकों को क्या करना चाहिए?
मॉकड्रिल का उद्देश्य केवल सरकारी एजेंसियों की तैयारियों को परखना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी आपदा की स्थिति में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
अधिकारियों ने बताया कि हवाई हमले जैसी आपात स्थिति में नागरिकों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए, प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए और अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर आसपास मौजूद बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और घायल लोगों की मदद करना भी नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

एक साथ काम करेंगी सभी टीमें-
मॉकड्रिल के माध्यम से यह भी प्रदर्शित किया गया कि किसी बड़े संकट के दौरान पुलिस, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, आपदा मित्र, नगर निगम और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी टीमें अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साझा कमांड और बेहतर समन्वय के साथ राहत एवं बचाव अभियान चलाएंगी।
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में कम से कम समय में रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और राहत कार्य शुरू करने की तैयारियों को मजबूत करना रहा।




