किन्नर का वेश बनाकर लोगों को बनाते थे शिकार, 6 आरोपी गिरफ्तार

खातेगांव व कन्नौद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, सोने के जेवर और दो कारें बरामद
देवास। किन्नर का भेष धारण कर लोगों को विश्वास में लेना, फिर चाकू की नोक पर सोने के आभूषण लूटकर फरार हो जाना—ऐसे शातिर तरीके से वारदात करने वाले छह आरोपियों को देवास जिले की खातेगांव और कन्नौद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सोना, वारदात में प्रयुक्त दो कारें और धारदार हथियार बरामद किए हैं। खास बात यह रही कि फरियादी ने आरोपियों के डर से घटना के कई दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और सटीक कार्रवाई से पूरा गिरोह कानून के शिकंजे में आ गया।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में जिले में चोरी, लूट और डकैती की घटनाओं पर नियंत्रण लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 2 जुलाई को थाना कन्नौद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर इंदौर-बैतूल हाईवे स्थित ननासा सर्विस रोड पर डकैती की योजना बना रहे पांच बदमाशों को हथियार और एक अल्टो कार सहित गिरफ्तार किया था। इस मामले में थाना कन्नौद में धारा 310(4), 310(5) बीएनएस एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
इसी दौरान खातेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बरबईखेड़ा निवासी कुलदीप जाट (27) ने पुलिस को बताया कि 19 जून को तीन अज्ञात व्यक्ति स्विफ्ट डिजायर कार से उसके घर पहुंचे थे। इनमें से दो आरोपी किन्नर के वेश में थे। आरोपियों ने पहले विश्वास में लिया और फिर चाकू की नोक पर करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लूट लिए। आरोपियों के भय के कारण उसने तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन जब पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिली तो वह थाना पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद थाना खातेगांव में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन के मार्गदर्शन और एसडीओपी कन्नौद आदित्य तिवारी के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह लोधी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी सोनू उर्फ सुनील निवासी शिवपुर बड़ोदिया, जिला रतलाम को संदलपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों जीवन, भैरूनाथ, लखन, कैलाश और अर्जुन के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद कर ली गई।
पहले से जेल में बंद मिले पांच आरोपी
विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि इस गिरोह के अन्य पांच आरोपी थाना कन्नौद के एक अन्य मामले में गिरफ्तार होकर उप जेल कन्नौद में निरुद्ध हैं। पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उन्हें गिरफ्तार किया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने लूट की वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद उनके कब्जे से लूटा गया सोने का सामान, धारदार हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई।
किन्नर का भेष बनाकर करते थे वारदात
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी किन्नर का भेष धारण कर लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद सुनसान स्थानों या घरों में पहुंचकर भय का माहौल बनाते और चाकू की नोक पर लूट की वारदात को अंजाम देते थे।
बरामद सामग्री
▪️सोने की 2 मालाएं
▪️एक जोड़ी सोने के टॉप्स
▪️घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार
एक अल्टो कार
▪️2 धारदार हथियार
गिरफ्तार आरोपी
– सोनू उर्फ सुनील पिता लालू नाथ, निवासी शिवपुर बड़ोदिया, जिला रतलाम
– भैरूनाथ पिता कालूनाथ, निवासी पाढ़ुनीखुर्द, जिला धार
– जीवन पिता मदननाथ, निवासी मांईदा, जिला धार
– लखन पिता कैलाशनाथ, निवासी आनंद नगर, संदलपुर, जिला धार
– अर्जुन पिता कालूनाथ, निवासी बोईंदा, जिला धार
– कैलाश पिता उमरावनाथ, निवासी बोईंदा, जिला धार
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह लोधी, सहायक उप निरीक्षक जगन्नाथ चावड़े, प्रधान आरक्षक दुर्गेश विश्नोई, आरक्षक सोहन जाट, मनमोहन, महिला आरक्षक आशा यादव तथा साइबर सेल के आरक्षक सोनू और आरक्षक युवराज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए इसे जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया।




