भारत सरकार के स्कॉच अवॉर्ड के लिए देवास मंडी बनी मॉडल, केंद्र की टीम ने की व्यवस्थाओं की सराहना

देवास की कृषि उपज मंडी में लागू डिजिटल व्यवस्थाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनानी शुरू कर दी है। National Awards for e-Governance (NAag) 2026 के तहत स्पॉट स्टडी के लिए पहुंची भारत सरकार की टीम ने यहां की ई-मंडी और भावांतर योजना के क्रियान्वयन को सराहनीय बताया।
देवास। मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल द्वारा एमडी पुरुषोत्तम कुमार के मार्गदर्शन में संचालित डिजिटल APMC एवं भावांतर भुगतान योजना (BBY) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर देवास मंडी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देशन में जिले में इन योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा है, जिसके मूल्यांकन के लिए भारत सरकार के अवर सचिव सुनील कुमार स्वर्णकार एवं कृष्णु मुखर्जी स्टडी टूर पर देवास पहुंचे।
स्टडी टूर के तृतीय दिवस देवास मंडी में एक लाइव समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंडी की विभिन्न डिजिटल सेवाओं का प्रदर्शन किया गया। बैठक में एनआईसी के डायरेक्टर मुशर्रफ, मंडी बोर्ड के सहायक संचालक योगेश नागले, देवास मंडी सचिव/सहा. संचालक अरविंद कुमार परिहार, इंदौर मंडी सचिव ओपी खेड़े एवं सहायक सचिव मोहन सिंह मालवीय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान ई-मंडी, फार्मगेट एप, भावांतर योजना पोर्टल, फ्लाइंग एप, ई-अनुज्ञा तथा लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत संचालित 16 सेवाओं का विस्तार से प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने एक-एक बिंदु पर जानकारी लेते हुए व्यवस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझा।
स्पॉट स्टडी के लिए पहुंचे अधिकारियों ने देवास मंडी में संचालित डिजिटल व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां की प्रणाली किसानों के हित में प्रभावी रूप से कार्य कर रही है और इसे अन्य स्थानों पर भी मॉडल के रूप में अपनाया जा सकता है।
कामकाज आसान व पारदर्शी हुआ है
मंडी में डिजिटल व्यवस्था लागू होने से कामकाज ज्यादा आसान और पारदर्शी हुआ है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान मिल रहा है। ई-मंडी और भावांतर योजना के जरिए किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है और पूरी प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा सरल और तेज हो गई है। – अरविंद कुमार परिहार, सचिव/सहा.संचा, कृषि उपज मंडी देवास




