Dewas news नरवाई जलाने वाले किसानों पर प्रशासन सख्त

बांगर स्थित खेत की नरवाई में बटाईदार ने लगाई थी आग, बीएनपी थाने में एफआईआर दर्ज
जिला प्रशासन द्वारा जिले के किसानों से अपील की जा रही है कि वे नरवाई न जलाएं, वैकल्पिक साधन का उपयोग करें
देवास। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों तथा मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी निषेधात्मक निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खेतों में गेहूँ की नरवाई (पराली) जलाने वालों पर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सख्त निर्देश दिए कि जिले में नरवाई जलाना पूर्णत: प्रतिबंधित है, यदि कोई किसान (नरवाई) पराली जलाते पाया गया तो उसे पर 2500 से 15000 रुपए तक का अर्थ दंड एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले में नरवाई (गेहूँ के अवशेष) जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा बरती जा रही सख्ती के तहत मंगलवार को कार्रवाई की गई है। विकासखंड देवास के ग्राम बांगर में खेत में नरवाई जलाते पाए जाने पर संबंधित किसान के विरुद्ध थाना बीएनपी में अपराध पंजीबद्ध कराया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार, कृषि एवं राजस्व दल द्वारा क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान ग्राम बांगर रकबा 1.05 हेक्टेयर पर खेत में नरवाई जलाई जाना पाया गया। राजस्व अभिलेखों के अनुसार यह भूमि सुभाषचंद्र के नाम दर्ज है, जिस पर बटाईदार लाखन चौधरी ने आग लगाई थी। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी निषेधात्मक आदेशों और एनजीटी (NGT) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर, तहसीलदार देवास के प्रतिवेदन पर पुलिस थाना बीएनपी ने लाखन चौधरी के विरुद्ध धारा 223(ए) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि फसलों के अवशेष जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति भी नष्ट होती है। कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्रों का भ्रमण कर रही हैं। यदि कोई भी व्यक्ति नरवाई जलाते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही और जुर्माना सुनिश्चित किया जाएगा।



