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सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर पीडब्ल्यूडी के सभी एसडीओ को शोकाज नोटिस, रैंकिंग नहीं सुधरने पर वेतन भी कटेगा

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– सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में तालाबों को चिन्हांकित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें

– कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी बैठक आयोजित

देवास। कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति तथा अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत ज्योति शर्मा, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर संजीव जैन, डिप्टी कलेक्टर आनंद मालवीय सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारीगण उपस्थित थे।समय-सीमा बैठक में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने विभिन्न विभागों में लम्बित सीएम हेल्प लाइन प्रकरणों की समीक्षा कर निर्देश दिए कि सभी जिला अधिकारी लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता से करें। शिकायतों के निराकरण के लिए तीन दिन का विशेष अभियान चलाए। उन्होंने कहा कि सी-ग्रेड में रहने वाले विभागों पर कार्रवाई की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में पीडब्ल्यूडी विभाग डी-ग्रेड में होने पर कलेक्टर श्री सिंह ने पीडब्ल्यूडी के सभी एसडीओ को एक वेतन वृद्धि रोकने संबंधी शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर पीडब्ल्यूडी विभाग की रैंकिंग नहीं सुधरती है तो विभाग के सभी एसडीओ का वेतन काटने की कार्रवाई भी करें। उन्होंने अपर कलेक्टर को निर्देश दिए कि सी ग्रेड में रहने वाले तहसीलदारों को शोकाज नोटिस दें। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें, जिससे विभाग की रैंकिंग में भी सुधार हो।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने समग्र ई-केवाईसी कार्य की समीक्षा कर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। भू-आवंटन प्रकरणों की समीक्षा कर लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में तालाबों को चिन्हांकित कर तालाबों से अतिक्रमण हटवाएं। तालाबों के कैचमेंट एरिया में भी कोई अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। तालाबों में आने वाले पानी का मार्ग अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए नल जल योजनाओं के पंप ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दें। ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए अभी से ग्राम पंचायतों में बोरिंग अधिग्रहण का कार्य कर लें।

कलेक्टर श्री सिंह ने डीपीएम एनआरएलएम सुश्री शीला शुक्ला को निर्देश दिए कि जिले में सभी विकासखंडों में स्व सहायता समूह के लिए ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करें। स्व सहायता समूह के माध्यम से निर्माण इकाइयां स्थापित करें, जिससे समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से लाभ हो। कलेक्टर श्री सिंह ने देवास जॉब पोर्टल की समीक्षा कर निर्देश दिए कि देवास जॉब पोर्टल का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करें जिससे जिले के ज्यादा से ज्यादा युवा लाभ लेकर रोजगार प्राप्त कर सके। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सांसद निधि और विधायक निधि के प्रगतिरत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करें।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जल संरचनाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” का 19 मार्च से शुभारंभ किया जाएगा। अभियान अंतर्गत पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत के साथ-साथ रिचार्ज पिट एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य किए जाए। कलेक्‍टर श्री सिंह ने जल स्त्रोतों के संवर्धन एवं जीर्णोद्धार की विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी पोर्टल भी समय सीमा में अपलोड करें। अभियान के तहत सभी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी अपने घरों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं।

कलेक्‍टर श्री सिंह ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को प्रभावी और परिणाममूलक बनाना है। उन्‍होंने मैदानी स्तर पर कार्य कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जनसहभागिता संबंधी गतिविधियों में जोड़े जाने के निर्देश दिये। कलेक्‍टर श्री सिंह ने जिला अधिकारियों को अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों के क्रियान्वयन की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये। अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग नोडल और नगरीय प्रशासन विभाग सह नोडल विभाग होगा। अभियान में राजस्व, जल संसाधन, उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नर्मदा घाटी विकास, वन, जन अभियान परिषद, उद्योग एवं एमएसएमई, पर्यावरण, संस्कृति, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा तथा कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग भी सहभागिता कर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करेंगे।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, वाटरशेड विकास 2.0 के अंतर्गत जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों का क्रियान्वयन, खेत-तालाब और अमृत सरोवर निर्माण के कार्य किये जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग जल जीवन मिशन की सिंगल विलेज स्कीम के कार्य क्षेत्रों में भू-जल संवर्धन के कार्य और प्राचीन परम्परागत जल संग्रहण संरचनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य भी करेगा। अभियान के अंतर्गत मां नर्मदा परिक्रमा पथ, गंगोत्री हरित परियोजना तथा “एक बगिया मां के नाम परियोजना” के अंतर्गत गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि नगरीय विकास विभाग नगरीय निकायों में जल संग्रहण संरचनाओं का संवर्धन और हरित क्षेत्रों का विकास करेगा। अभियान के तहत नगरीय क्षेत्रों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्‍टम स्थापित किए जाएंगे। नदियों में मिलने वाले नालों की शोधन प्रक्रिया का क्रियान्वयन किया जाएगा। नगरीय निकायों द्वारा नदी, तालाब, बावड़ी का संवर्धन, नालों की सफाई, बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा। वातावरण निर्माण के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, जागरूकता रैली गतिविधियां संचालित की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के भूजल स्त्रोतों के रिचार्ज, पेयजल स्त्रोतों के आस-पास साफ-सफाई और रख-रखाव के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी। वन विभाग द्वारा भूजल संवर्धन के कार्य तथा वर्षा ऋतु में पौधों के रोपण का कार्य किया जायेगा। वन्य जीवों को पानी की उपलब्धता के लिए जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण और तालाबों का गहरीकरण किया जाएगा।

बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनवाड़ी केन्द्रों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग स्थापित करने, जल संरक्षण के ग्राम स्तर पर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने और आंगनवाड़ी केन्द्रों को जल एवं पोषण मॉडल केन्द्र के रूप में विकसित कर समुदाय को प्रेरित करने जैसी गतिविधियां संचालित करेगा। “जल गंगा संवर्धन अभियान” में शिक्षा विभाग, जल संसाधन, एनवीडीए, पर्यावरण विभाग, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र, जन अभियान परिषद, संस्कृति विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा भी सहभागिता की जायेगी।

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