राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स परीक्षा के परिणाम घोषित

– देवास विकासखण्ड के सर्वाधिक 40 विद्यार्थी चयनित
– शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 3 देवास के 14 विद्यार्थी चयनित
देवास। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा शासकीय शालाओं में अध्ययनरत कक्षा 8वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स परीक्षा के घोषित परिणामों में जिले के 113 विद्यार्थी चयनित हुए।
चयनित विद्यार्थियों में विकासखंड वार चयनित विद्यार्थी इस प्रकार रहें। देवास -40, टोंकखुर्द -39, खातेगांव -24, बागली -5, कन्नोद -3, सोनकच्छ -2 कुल -113 विद्यार्थी।
प्रतिवर्षानुसार एक बार फिर शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक -3 परिसर में अध्यनरत एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालक छात्रावास एवं नवीन बालक छात्रावास में रहने वाले कक्षा 8वीं के 14 विद्यार्थी चयनित हुए। इसी विद्यालय के विद्यार्थियों में से 10 मार्च को घोषित उत्कृष्ट एवं मॉडल स्कूल चयन परीक्षा परिणाम में दोनों छात्रावास के 24 छात्रों का चयन हुआ। उक्त परीक्षा में चयनित बच्चों को आगामी चार वर्ष तक 15000 रू प्रतिवर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जाती है।
उक्त चयनित छात्रों को जिला परियोजना समन्वयक अजय कुमार मिश्रा द्वारा उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गई। सहायक परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र देवास एपीसी मुकेश निगम एवं विकास महाजन द्वारा विद्यार्थियों के चयन पर हर्ष व्यक्त किया गया। विद्यार्थियों की उपलब्धि पर विकासखंड स्त्रोत समन्वयक किशोर वर्मा द्वारा हर्ष व्यक्त करते हुए समस्त विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को शुभकामनाएं प्रेषित की गई। शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक -3 के सर्वाधिक 14 विद्यार्थियों के चयन होने पर शाला के समस्त शिक्षकों एवं छात्रावास के समस्त स्टाफ द्वारा छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए बधाइयां देते हुए समस्त विद्यार्थियों को सम्मानित करने का निर्णय किया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश ठाकुर ने बताया कि प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी छात्रों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की। इस वर्ष उत्कृष्ट विद्यालय चयन परीक्षा में जिन छात्रों का चयन हुआ, अधिकांश छात्रों ने उत्कृष्ट विद्यालय इंदौर को अपनी प्राथमिकता में रखा, कुछ छात्रों का चयन विकासखंडस्तरीय मॉडल स्कूलों में हुआ है। उनका यह कहना है कि छात्रों की सफलता के पीछे विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं छात्रावासों वार्डन एवं सहायक वार्डन की कड़ी मेहनत एवं उनके मार्गदर्शन से छात्रों में प्रदर्शन में निरंतरता बनी।




