Bhagwat Katha भगवान की महारास लीला इतनी दिव्य थी कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप दर्शन करने गोकुल पहुंच गए- महंत अभिरामदास त्यागी

देवास। ग्राम बड़ी चूरलाय में ग्रामीणों के सहयोग से संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। कथा के छठवें दिन महामंडलेश्वर श्रीश्री महंत अभिरामदास त्यागी ने व्यासपीठ से कहा, कि भगवान की महारास लीला इतनी दिव्य है, कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। मथुरा गमन प्रसंग में अक्रुरजी भगवान को लेने आए। जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा जाने लगे तब समस्त ब्रज की गोपियां भगवान कृष्ण के रथ के आगे खड़ी हो गई, कहने लगी हे कन्हैया जब आपको हमें छोडक़र ही जाना था तो हम से प्रेम क्यों किया। गोपी-उद्धव संवाद, श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह उत्सव पर मनोहर झांकी प्रस्तुत की गई। कथा के दौरान जन अभियान परिषद ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष व मप्र शासन से सम्मानित ग्राम छोटी चूरलाय के युवा कृषक धर्मेन्द्रसिंह राजपूत ने महंत श्री त्यागी का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। व्यासपीठ की आरती अनोपसिंह बैस, अर्जुन सिंह, बनेसिंह, लोकेंद्र सिंह एवं सरपंच कुंदनसिंह बैस ने की। कथा में समधुर भजनों की प्रस्तुति भी दी गई, जिस पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया।




