कांटाफोड़ पुलिस ने जालसाज गिरोह को दबोचा, 4 लाख के आभूषण बरामद

आभूषण चमकाने व शुद्ध करने का झांसा देकर की थी ठगी
देवास। जिले के कांटाफोड़ थाना पुलिस ने ठगी की सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया। आभूषण ‘शुद्ध करने’ का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह से पुलिस ने लगभग 4 लाख रुपए मूल्य के सोना-चांदी के गहने बरामद किए हैं। सराहनीय कार्यवाही में पुलिस टीम ने महज कुछ दिनों में आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस के अनुसार 11 अगस्त को फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 जुलाई को दोपहर लगभग 12:30 बजे जब वह घर पर अकेली थीं, तब एक महिला अपने दो साथियों के साथ घर पर आई, जिसने अपना नाम सुरमाबाई तथा साथियों के नाम विक्की एवं जितेंद्र बताए। यह लोग शनि महाराज की मूर्ति लेकर दान मांगने आए थे और पूर्व में भी गांव में आने-जाने के कारण परिचित थे।
उक्त तीनों लोगों ने फरियादिया को प्रलोभन दिया कि वह अपने सोने-चांदी के आभूषण उन्हें दे दें जिन्हें वे अगले शनिवार तक शुद्ध कर चमका कर लौटा देंगे। विश्वास में आकर फरियादिया ने सोने का मंगलसूत्र, पेंडल, अंगूठी, झुमके, नाक की बाली, सोने के मोती, चांदी की कड़ियां, कमर का कंदोरा, पायजब, बच्चों के कड़े, बिछिया आदि कुल लगभग 4 लाख रुपए के आभूषण सौंप दिए।
निर्धारित समय बीतने पर आभूषण वापस नहीं किए और 10-15 दिन बाद फरियादिया को ठगी का आभास हुआ। रिपोर्ट पर थाना कांटाफोड़ में धारा 318(4),3(5) BNS का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) बागली सृष्टि भार्गव के निर्देशन में थाना प्रभारी कांटाफोड़ सुरेखा निमोदा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम के द्वारा तकनीकी साक्ष्य, भौतिक साक्ष्य एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय किए गए। 12 अगस्त को विक्की पिता विक्रम उम्र 19 वर्ष, जितेंद्र पिता शंकर उम्र 35 वर्ष निवासी रातीखेड़ा थाना सागौर जिला धार को किशनगढ़ फाटा उदयनगर से गिरफ्तार किया। पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपनी रिश्तेदार सुगना बाई पति नाना निवासी रातीखेड़ा के साथ मिलकर ठगी करना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से फरियादिया के सभी सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजा गया।
सराहनीय भूमिका- थाना प्रभारी कांटाफोड़ सुरेखा निमोदा, उनि विनय सिंह बघेल, कैलाश नारायण परमार, प्रआर रामवीर सोलंकी, यतीश तिवारी, सुरेश चरपोटा, श्रवण दायमा, मआर प्रियंका बारिया एवं सैनिक अर्जुन की सराहनीय भूमिका रही।




