इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम में सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ा

इंदौर। प्रधानमंत्री सूर्य़घर मुफ्त बिजली य़ोजना लागू होने के बाद पश्चिम मप्र विशेषकर इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वालों की संख्या में वृद्धि दर्ज हुई है। घरेलू छतों के अलावा दफ्तरों, कारखाने, दुकानों की छतों पर भी पैनल्स लगाकर बिजली तैय़ार की जा रही है।
इंदौर महानगरीय क्षेत्र में सुपर कॉरिडोर, बायपास पर बसाहट के साथ जुलाई 25 में 18500 स्थानों पर सोलर संयंत्र थे, ये दिसंबर में 22000 हो गए, वर्तमान स्थिति में 27000 से ज्यादा स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा है। इंदौर के बाद दूसरा स्थान उज्जैन जिले का हैं, उज्जैन जिले में पिछले वर्ष जुलाई की स्थिति में 3450 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन था, जो दिसंबर में 4250 और अब 5800 स्थानों पर सोलर संयंत्र लगने के साथ बिजली उत्पादन जारी है।
रतलाम जिले में में जुलाई में 1850 स्थानों पर पैनल्स लगे थे, जो दिसंबर में 2660 और अब 4555 हो गए है। वहीं देवास जिले में जुलाई में 2250, दिसंबर में 2750 स्थानों पर सौर ऊर्जा उत्पादन हो रहा था, जो अब 3700 स्थानों पर सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली तैयार की जा रही है।
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि रूफ टॉप सोलर नेट मीटर को लेकर कंपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य करती हैं, आए गए प्रकरण तत्काल मंजूर किए जाते हैं, उपभोक्ताओं को सब्सिडी समय पर दिलाने के प्रत्येक कार्य तेजी से किए जाते हैं।




