अक्षय तृतीया पर जैन मिलन ने किया गन्ने के रस का वितरण, दिया दान के महत्व का संदेश

देवास। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सेवा और श्रद्धा का सुंदर संगम देखने को मिला, जहां जैन मिलन एवं महिला मिलन ने परंपरा निभाते हुए गन्ने के रस का वितरण कर आहार दान की भावना को जीवंत किया। इस आयोजन के माध्यम से समाज को दान, करुणा और सेवा का संदेश दिया गया।
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी जैन मिलन व महिला मिलन देवास ने श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कवि कालिदास मार्ग पर गन्ने के रस वितरण किया। भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री अतिवीर डॉ. प्रमोद जैन ने जैन धर्म के अनुसार अक्षय तृतीया का महत्व बताते हुए कहा, कि आज के दिन जैन धर्म प्रवर्तक प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी को कठोर तपस्या के 1 वर्ष 1 माह 8 दिन के उपरांत राजा श्रेणिक के हाथों गन्ने के रस का आहार मिला था, इसलिए जैन मताबलम्बी आज के दिन को आहार दान दिवस के रूप में मनाते हैं तथा प्राणी मात्र को आहार दान के कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। इसी उपलक्ष्य में जैन मिलन देवास प्रतिवर्ष गन्ने के रस का वितरण करता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रवि जैन सभापति, अपर कलेक्टर संजीव जैन एवं विशेष अतिथि पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के अध्यक्ष मनोहर जैन, सचिव शैलेंद्र दोषी, अरविन्द पाणोत थे। अतिथियों का स्वागत जैन मिलन देवास के अध्यक्ष मुकेश जैन बांझल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कैलाशचंद्र जैन बांझल, विनोद जैन, आरसी जैन, राकेश जैन एडवोकेट, महिला मिलन अध्यक्ष चारु जैन, रश्मि जैन, सन्ध्या जैन, अलका जैन आदि ने किया। अतिथियों ने सम्बोधन में दान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जैन मिलन देवास के द्वारा आयोजित समाज सेवा के कार्यों की प्रशंसा की।
आयोजन में अनूप जैन, मोहन जैन, अनिल जैन, दीपचंद जैन, विकास जैन अपने, लक्ष्मी जैन, स्वर्णलता जैन का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम में जैन मिलन के वीर नवनीत जैन, सुरेश चंद्र जैन, विकास जैन नरेन्द्र जैन, अंकेश जैन, रोहित जैन, पारस जैन, महिला मिलन की कामिनी जैन, प्रतिभा जैन, चमेली जैन, सुलेखा जैन, मनोरमा जैन, शकुंतला जैन सहित सभी सदस्य व समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रमोद जैन ने किया एवं आभार विनोद जैन ने व्यक्त किया।




