देवास

स्टेशन रोड चौराहा बंद होने से कई कॉलोनियों के रहवासी परेशान, पार्षदों के साथ पहुंचे जनसुनवाई

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– जनहित में की कट पॉइंट पुनः खोलने की मांग

देवास। शहर की प्रमुख कनेक्टिविटी वाले स्टेशन रोड चौराहे का कट प्वाइंट बंद किए जाने के निर्णय से आमजन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बस स्टैंड के पास ट्रैफिक दबाव और संभावित दुर्घटनाओं के खतरे के बीच, क्षेत्र की 20 से अधिक कॉलोनियों के रहवासियों ने स्थानीय पार्षद शीतल गेहलोत और भूपेश ठाकुर के नेतृत्व में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर चौराहा पुनः खोलने की मांग की है।

शहर के प्रमुख स्टेशन रोड चौराहे का कट प्वाइंट बंद किए जाने से स्थानीय रहवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी कॉलोनी, नई आबादी, उमाकांत कॉलोनी, शिवम स्टेट, आदर्श नगर, भोंसले कॉलोनी, बीएनपी रोड, प्रतापनगर, अंबेडकर नगर, कालूखेड़ी, महाकाल कॉलोनी, साकेत नगर, शिमला कॉलोनी सहित 20 से अधिक कालोनियों के निवासियों ने जनसुनवाई में आवेदन देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

यह आवेदन स्थानीय पार्षद शीतल गेहलोत और भूपेश ठाकुर के नेतृत्व में सौंपा गया। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक विभाग द्वारा स्टेशन रोड चौराहे का कट प्वाइंट प्रयोगात्मक रूप से बंद कर दिया गया है, लेकिन इससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों को अब बस स्टैंड के कट प्वाइंट से होकर लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है, जिससे समय, श्रम और खर्च तीनों बढ़ गए हैं।

यातायात दबाव और दुर्घटनाओं की आशंका-
इस निर्णय के बाद बस स्टैंड क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। वहीं महिलाएं और स्कूली छात्र-छात्राएं, जिन्हें पहले सीधे रास्ते से बाजार या स्कूल जाना होता था, अब लंबा रास्ता तय करने को मजबूर हैं। कई महिलाएं मजबूरी में डिवाइडर पार कर रही हैं, जिससे हादसे की संभावना और बढ़ गई है।

नया मार्ग संकरा, असुरक्षित-
रहवासियों ने बताया कि चौराहा बंद होने से हजारों लोग अब नई आबादी की संकरी गलियों से निकलने को मजबूर हैं। यह क्षेत्र पूरी तरह से रिहायशी है, जहां पर बढ़ता ट्रैफिक ना सिर्फ असुविधा का कारण बन रहा है बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बन गया है।

छात्र, व्यापारी और वाहन चालक भी परेशान-
जल्द ही नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहा है और स्टेशन रोड से कई स्कूलों के छात्र आते-जाते हैं। चौराहा बंद होने से उन्हें भी लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। वहीं व्यापारियों का भी कहना है कि उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है। ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनका खर्च बढ़ गया है।

पार्षद शीतल गेहलोत ने कहा कि, स्टेशन रोड चौराहा वर्षों से हजारों लोगों की आवाजाही का मुख्य मार्ग रहा है। इस चौराहे के अचानक बंद किए जाने से महिलाओं, स्कूली बच्चों, व्यापारियों और बुजुर्गों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिलाएं जो बाजार या अस्पताल पैदल जाती थीं, अब उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है या खतरनाक तरीके से डिवाइडर पार करना पड़ता है। यह निर्णय आमजन की राय के बिना लिया गया है, जो सरासर गलत है। यातायात विभाग को समझना चाहिए कि कोई भी व्यवस्था तभी सफल होती है जब उसमें जनता की भागीदारी हो। मैं प्रशासन से मांग करता हूं कि इस फैसले को तत्काल प्रभाव से रद्द कर पुनः पूर्ववत स्थिति बहाल की जाए।

पार्षद भूपेश ठाकुर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, यातायात विभाग ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना और जनसुनवाई के यह कट प्वाइंट बंद कर दिया है, जो पूरी तरह से तानाशाही है। इससे न केवल आवागमन बाधित हुआ है, बल्कि बस स्टैंड जैसे पहले से भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ गई है। यदि इस चौराहे को शीघ्र पुनः नहीं खोला गया, तो हम रहवासियों के साथ मिलकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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