वार्षिक वेतन वृद्धि लागू करने की मांग को लेकर आशा, आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ ने सौंपा ज्ञापन

देवास। आशा, आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ जिला इकाई देवास के बैनर तले जिलाध्यक्ष सुनीता चौहान के नेतृत्व में आशा एवं पर्यवेक्षकों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में वार्षिक वेतन वृद्धि शीघ्र लागू करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया, कि 29 जुलाई 2023 में घोषित वार्षिक वेतन वृद्धि का अभी तक भुगतान नहीं किए जाने से प्रदेश की आशा कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक शासन एवं विभाग के इस भेदभावपूर्ण रवैए से आक्रोशित हैं।
20 अप्रैल 2025 को आशा कार्यक्रम के 20 वर्ष सफलतापूर्वक मनाए गए। आशा एवं पर्यवेक्षक पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से काम करती हैं। इसके बावजूद उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
आगे बताया कि एक ओर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घोषणा अनुसार 1000 रुपये वार्षिक वेतन वृद्धि का भुगतान 1 अप्रैल 2024 से किया जा रहा है। लाडली बहनों को 1250 रुपए प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है।
राज्य कर्मचारियों के डीए में वृद्धि कर केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर किया गया है, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि 6 मई तक आशा एवं पर्यवेक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि का 1 अप्रैल 2024 से एरियर सहित भुगतान नहीं किया गया तो संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर प्रदेशभर की आशा एवं पर्यवेक्षक बहिनें आगामी 7 मई को भोपाल में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान गेना गौड़, ममता, तारा सोनिया, अनुराधा, प्रीति वैद्य, सरिता पोरवाल, एलम मालवीय, नीतू राठौड़, सम्पत कर्मा, राधा नागर, कमला सोलंकी सहित सैकड़ों की संख्या में आशा एवं आशा पर्यवेक्षक बहनें शामिल रहीं।




