धर्म-अध्यात्म

पितृपक्ष पर वीर सपूतों की प्रतिमाओं का जल से अभिषेक, महिलाओं ने दी श्रद्धांजलि

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– अखिल भारतीय महिला जन संगठन विश्वमांगल्य सभा ने किया अनूठा आयोजन

देवास। पितृपक्ष के अवसर पर अखिल भारतीय महिला जन संगठन विश्वमांगल्य सभा ने शहर के विभिन्न चौराहों पर स्थापित महान क्रांतिकारियों और महापुरुषों की प्रतिमाओं का जल अभिषेक कर पूजन-अर्चन किया। यह आयोजन शहीदों की स्मृति को जीवंत करने और नई पीढ़ी को इतिहास व संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया।

भारत माता की सेवा और संस्कृति संवर्धन को समर्पित अखिल भारतीय महिला जन संगठन विश्वमांगल्य सभा ने वीर सपूतों की प्रतिमाओं का जल अभिषेक कर पूजन किया गया। यह अभियान शहर के विभिन्न चौराहा पर स्थापित महान क्रांतिकारी, महापुरुषों और शहीदों की स्मृति को जीवंत करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है।

18 सितंबर को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय जी, शहीद भगत सिंह, मदन मोहन मालवीय जी आदि की प्रतिमाओं को जल से स्नान कर कर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। कार्यक्रम में विश्वमांगल्य सभा की कार्यकारिणी मौजूद रही। विश्वमांगल्य सभा का मानना है, कि हमारे पूर्वजों की स्मृति, उनका त्याग और उनके आदर्श हमें निरंतर प्रेरणा देते हैं और पितृपक्ष इस स्मरण का श्रेष्ठ अवसर है। संस्था सदस्यों का कहना है, कि आने वाले दिनों में शहर की अन्य प्रतिमाओं का भी पूजन किया जाएगा। विश्वमांगल्य सभा ने शहरवासियों से भी आह्वान किया है कि वह इस पितृपक्ष में राष्ट्र के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले उन वीर सपूतों को नमन करें, जिनके बलिदान से हम आज स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।

कार्यक्रम में सुमति शिरोड़कर (मालवा प्रांत सचिव), शालू पवार (मालवा प्रांत संगठक), पुष्पलता सोनगरा (जिला उपाध्यक्ष), रितु सावनेकर (जिला उपाध्यक्ष), सुश्री हीना राठौर (जिला उपाध्यक्ष), कार्यकारिणी सदस्य मोना मालवीय, स्वाति चंद्रे आदि ने सच्चे भाव से इन प्रतिमाओं को सजीव श्रद्धांजलि दी। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का जो प्रयास हो रहा है, वह निश्चित ही समाज में जागरूकता और राष्ट्रप्रेम को नई दिशा देगा।

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