क्षिप्रा। क्षिप्रा न
– प्रत्येक हिं
– ठंडे पकवानों
जब अंत:करण की शुद्धि
बेहरी (हीरालाल गोस्व
देवास। जिसको तैरते न
देवास। गोमाता की सेव
देह, देश व स्वधर्म क
देवास। आज बच्चे पढ़-ल