Dewas news नरवाई जलाने पर लिम्बोदा के किसान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

कलेक्टर ऋतुराज सिंह के सख्त निर्देश, जिले में नरवाई जलाना पूर्णत: प्रतिबंधित
देवास। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों तथा मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी निषेधात्मक निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खेतों में गेहूं की नरवाई (पराली) जलाने वालों पर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सख्त निर्देश दिए कि जिले में नरवाई जलाना पूर्णत: प्रतिबंधित है, यदि कोई किसान परली जलाते पाया गया तो उस पर 2500 से 15000 रुपए तक का अर्थदंड एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसी के तहत कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री रिया ऊंटवाल और पटवारी आशा बगड़ावत के संयुक्त निरीक्षण दल ने बताया कि खेत में गेहूं की नरवाई (पराली) जलाने पर कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत ग्राम लिम्बोदा के किसान नारायणसिंह के विरुद्ध थाना बीएनपी में धारा 223 भा.न्या.सं. के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री ऊंटवाल और पटवारी श्रीमती बगड़ावत के संयुक्त निरीक्षण दल ने खेत पर फसल अवशेष जलाना पाया, जिसके बाद नायब तहसीलदार टप्पा विजयागंज मण्डी के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई। शासन के निर्देशों के अनुसार नरवाई जलाना पर्यावरण और मिट्टी की संरचना के लिए अत्यंत हानिकारक और दंडनीय है।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेष (नरवाई) को किसी भी स्थिति में न जलाएं। नरवाई जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाता है। इससे मिट्टी में उपस्थित सूक्ष्म जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, कार्बनिक पदार्थ की मात्रा कम हो जाती है तथा भूमि की उत्पादक क्षमता घट जाती है। किसानों को सूचित किया जाता है कि नरवाई प्रबंधन के लिए कई बेहतर एवं सरकारी सहायता प्राप्त विकल्प उपलब्ध हैं।





