धरती में जहर बोओगे तो जहर, अमृत बोओगे तो अमृत मिलेगा- सद्गुरु मंगल नाम साहेब
धरती कभी पक्षपात नहीं करती, जैसा बीज बोते हैं वैसी ही फसल मिलती है; जीवन में सत्य, दया, प्रेम और विश्वास अपनाएं


देवास। इंसान अपने जीवन में जैसा व्यवहार और विचार दूसरों के प्रति रखता है, वैसा ही परिणाम उसे भी मिलता है।
जिस तरह धरती में बोया गया बीज उसी के अनुरूप अंकुरित होता है, उसी तरह जीवन में अच्छाइयां बोने पर अच्छाइयां और बुराइयां बोने पर बुराइयां ही जन्म लेती हैं। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में नफरत और बुराई के बजाय सत्य, दया, प्रेम और विश्वास को अपनाना चाहिए।
यह विचार सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने सतगुरु कबीर सर्वहारा प्रार्थना स्थली, चूना खदान बालगढ़ में आयोजित गुरु-शिष्य संवाद एवं गुरुवाणी पाठ के दौरान व्यक्त किए।
सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने धरती का उदाहरण देते हुए कहा कि धरती माता कभी किसी के साथ पक्षपात नहीं करती। वह निष्पक्ष भाव से हर बीज को अंकुरित होने का अवसर देती है। गेहूं बोया जाएगा तो गेहूं और ज्वार बोई जाएगी तो ज्वार ही पैदा होगी। इसी तरह मनुष्य को भी अपने आचरण में अच्छाइयों के बीज बोने चाहिए। यदि हम दुनिया में बुराइयां फैलाएंगे तो बुराइयां ही बढ़ेंगी। इसलिए अच्छाइयों को अपनाकर बुराइयों का त्याग करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य के भीतर सत्य, दया, प्रेम और विश्वास का अंकुरण होना चाहिए। धरती जैसा धैर्य और सहनशीलता जीवन में विकसित करना चाहिए, क्योंकि धरती अपने भीतर अनेक प्रकार के बीजों को स्थान देकर उन्हें अलग-अलग रूप में विकसित करती है। मनुष्य और पशु-पक्षियों का अस्तित्व भी इसी धरती से जुड़ा है। जहां से हमारा जन्म हुआ है, उस धरती से धैर्य और निष्पक्षता का गुण सीखना चाहिए।
श्वास ही मनुष्य का मूल स्वरूप-
सद्गुरु मंगल नाम साहेब ने श्वास के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सतगुरु कबीर उस परम तत्व की बात करते हैं, जो अजर-अमर है। श्वास के बिना मनुष्य कुछ भी नहीं कर सकता। श्वास ही उसके जीवन का मूल स्वरूप है। इसमें अनेक जन्मों और साधना-उपासना का रहस्य समाहित है। मनुष्य को उस परम तत्व को समझने और पाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सद्गुरु की शरण में जाकर उनसे संवाद करने पर ही परम तत्व की अनुभूति और उसके वास्तविक स्वरूप को समझने का मार्ग मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान साध-संगत ने सद्गुरु मंगल नाम साहेब को नारियल भेंट कर आशीर्वचन प्राप्त किए। कार्यक्रम की जानकारी सेवक वीरेंद्र चौहान ने दी।




