शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, उसका ज्ञान और संस्कार पीढ़ियों को दिशा देते हैं- डीईओ राजीव सूर्यवंशी

पीपलरावा (रईस वकील मंसूरी)। शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों तक अपनी सेवाएं देकर नई पीढ़ी का भविष्य संवारने वाले चार शिक्षकों के सम्मान में संकुल स्तरीय सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक प्रेमनारायण शुक्ल, करणसिंह सिंदल, पूरण सिंह सोलंकी एवं गंगाराम मालवीय को अधिवार्षिकी आयु पूर्ण होने पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी रहे। समारोह की अध्यक्षता संकुल प्राचार्य रुखमणी गार्वे ने की। विशेष अतिथियों के रूप में एडीपीसी अर्जुन मालवीय, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सज्जनसिंह मालवीय एवं पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र खत्री मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं राष्ट्रगीत के गायन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक का जीवन केवल नौकरी तक सीमित नहीं होता। शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और अनुभवों के माध्यम से समाज और राष्ट्र के निर्माण में आजीवन योगदान देता है।

उन्होंने कहा, सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। शिक्षक भले ही शासकीय सेवा से निवृत्त हो जाए, लेकिन समाज को दिशा देने की उसकी जिम्मेदारी और अनुभव कभी समाप्त नहीं होते। विद्यार्थियों के जीवन में बोए गए संस्कार और ज्ञान के बीज पीढ़ियों तक फलते-फूलते रहते हैं।
श्री सूर्यवंशी ने सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाओं को नमन करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों से भी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण शिवेश धाकड़, प्राचार्य शासकीय कन्या हाईस्कूल ने दिया। समारोह के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों के शैक्षणिक योगदान और सेवाकाल को स्मरण करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। शिक्षक सुनील कुमरावत ने आभार व्यक्त किया।




