रक्षाबंधन पर सेवा का लिया संकल्प, जरूरतमंदों और बुजुर्ग माताओं के साथ बांटी पर्व की खुशियां
- शिवाजी नगर बस्ती से वृद्धाश्रम और नेत्रहीन स्कूल तक पहुंचे धर्मेंद्रसिंह राजपूत, बहनों और माताओं से लिया आशीर्वाद

देवास। रक्षाबंधन का पर्व इस बार सामाजिक सरोकार और सेवा की भावना के साथ मनाया गया। जन अभियान परिषद एवं तपस्या लोक कल्याण सामाजिक समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्रसिंह राजपूत ने पर्व की खुशियां जरूरतमंद परिवारों, कन्याओं, वृद्धाश्रम की माताओं और नेत्रहीन बहनों के बीच साझा कीं। उन्होंने शिवाजी नगर की बस्ती में बच्चियों से राखी बंधवाई, उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, वहीं वृद्धाश्रम और नेत्रहीन स्कूल पहुंचकर भी पर्व मनाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि रिश्तों की सार्थकता केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति से जुड़ाव में भी है।
रक्षाबंधन के अवसर पर धर्मेंद्र राजपूत शिवाजी नगर झुग्गी बस्ती पहुंचे। यहां छोटी-छोटी कन्याओं ने उन्हें राखी बांधी। उन्होंने कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और बच्चों के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। इस दौरान बस्ती के बच्चों के चेहरों पर रक्षाबंधन की खुशी नजर आई। वृद्धाश्रम में माताओं का लिया आशीर्वाद-इसके बाद वृद्धाश्रम पहुंचकर उन्होंने वहां माताओं के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया। माताओं से रक्षासूत्र बंधवाकर उनके चरण स्पर्श किए और आशीर्वाद लिया। इस अवसर ने रक्षाबंधन के उस भाव को सामने रखा, जिसमें अपनेपन की जरूरत रखने वाले बुजुर्गों के साथ समय बिताना भी सेवा का एक रूप है। ज्योतिषाचार्य ज्ञानेंद्र तिवारी के साथ पूजा-पाठ कर धार्मिक परंपरा के अनुसार रक्षाबंधन पर्व मनाया गया व बहनों की सेवा का संकल्प लिया।
राजपूत ने नेत्रहीन स्कूल पहुंचकर वहां की बहनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि पर्व को परिवार की सीमाओं से बाहर निकालकर बस्ती की बहनों, कन्याओं, वृद्धाश्रम की माताओं और नेत्रहीन बहनों के साथ पर्व की खुशियां साझा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।




